आधुनिक हिन्दी काव्य

आधुनिक हिंदी काव्य

आधुनिक हिंदी काव्य, कई विश्वविद्यालय के बी॰ ए॰ पाठ्यक्रम के हिंदी साहित्य विषय का एक प्रश्न पत्र है। हिन्दी काव्य का आधुनिक काल 1850 से आरम्भ होता है। इसी युग मे हिन्दी पद्य के साथ साथ गद्य का भी विकास हुआ। जन संचार के विभिन्न साधनों जैसे रेडिओ व समाचार पत्र का विकास इसी समय हुआ था। जिसका प्रभाव आधुनिक हिन्दी काव्य पर भी पड़ा।

आधुनिक हिन्दी काव्य

आधुनिक हिन्दी काव्य

आधुनिक हिन्दी काव्य का आरंभ 19वीं सदी के उत्तरार्द्ध में हुआ था। यह वह समय था जब भारतेन्दु हरिश्चन्द्र सक्रिय थे। इस समय बंगाल, महाराष्ट्र और पंजाब में सामाजिक-सांस्कृतिक सुधार आन्दोलन की गूंज चारों दिशाओं में फैल रही थी। इस धर्म-समाज सुधारक आन्दोलन की गतिविधियों से हिन्दी साहित्य भी काफ़ी प्रभावित हुआ।

कविताओं के माध्यम से नवजागरण यानी फिर से सजग होने की अवस्था या भाव, की अभिव्यक्ति हुई। भारतेन्दु युग और द्विवेदी युग की रचनाएं नवजागरण का स्रोत और माध्यम रही हैं। यह युग हिन्दी के मध्य से सर्वथा भिन्न था और आधुनिक युग के रूप में अपनी नयी पहचान बना सका। हिन्दी की आधुनिक कविता की प्रक्रिया इसी युग से शुरु होती है।

आधुनिक हिन्दी काव्य Unit 1

यूनिट 1 के अंतर्गत कुल 6 कवियों की कविताओं के बारे में अध्ययन करना है। परीक्षा में कविताओं से संबंधित प्रश्न पूछे जा सकते हैं। कभी-कभी कवियों से भी संबंधित प्रश्न पूछ लिए जाते हैं। यूनिट 1 में निर्धारित कवियों की कुछ रचनायें जो आधुनिक हिन्दी काव्य पाठ्यक्रम में निर्धारित है नीचे दी जा रही है।

1. साकेत अष्टम सर्ग

साकेत महाकाव्य मैथिलीशरण गुप्त की रचना है। जिसका आधुनिक हिंदी काव्य में एक विशेष स्थान है। साकेत महाकाव्य में कुल 12 सर्ग हैं। जिनमे अष्टम एवं नवम सर्ग का विशेष महत्व है। अष्टम सर्ग में चित्रकूट में घटी घटनाओं का वर्णन किया है। अष्टम सर्ग में वर्णित घटना केवल इतिवृत्त नहीं है, अपितु घटनाओं का संयोजन युग की आकांक्षाओं की अभिव्यक्ति करने के उद्देश्य से इस प्रकार किया है कि वह अपनी आधुनिक चेतना के कारण प्रासंगिक हो उठा है। कवि अष्टम सर्ग का आरंभ बड़े ही आकर्षक ढंग से करता है।

2. कामायनी श्रद्धा सर्ग

कामायनी जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित कविता कोश भारतीय काव्य का विशालतम और अव्यवसायिक संकलन है जिसमें हिन्दी उर्दू, भोजपुरी, अवधी, राजस्थानी आदि पचास से अधिक भाषाओं का काव्य है। यह आधुनिक छायावादी युग का सर्वोत्तम और प्रतिनिधि हिंदी महाकाव्य है। ‘प्रसाद’ जी की यह अंतिम काव्य रचना 1936 ई. में प्रकाशित हुई।

3. सरोज स्मृति

सूर्यकांत त्रिपाठी “निराला” की पुत्री सरोज की मृत्यु 18 वर्ष की उम्र में हो गयी। सरोज स्मृति नामक इस रचना में कवि ने अपनी पुत्री की स्मृतियों को संजोया है। सरोज स्मृति‘ हिंदी में अपने ढंग का एकमात्र शोक काव्य है। कवि निराला द्वारा अपनी पुत्री की मृत्यु पर लिखी इस कविता में करुणा भाव की प्रधानता है।

4. सुमित्रानंदन पंत कविताए और व्याख्या

इन कविताओं की रचनायें सुमित्रानंदन पंत जी ने की। इस कविता में कवि ने जीवन जगत में नई चेतना एवं नवोद साह के संचार की कामना को बादल के माध्यम से व्यक्त किया है। दर्शन अनुभूति के बाद की उस गंभीर ज्ञानात्मक अवस्था को कहा जाता है। जिसमें व्यक्ति भावना के क्षेत्र में उधर्वोमुख होकर जीवन और जगत के प्रति विश्लेषण की प्रवृत्ति अपनाता है।

5. महादेवी वर्मा कविताए और व्याख्या

महादेवी वर्मा द्वारा रचित रचनायें निम्न है – नीर भरी दुख की बदली, मधुर-मधुर, मेरे दीपक जल, शलभ मैं साफ वर दूं, कौन तुम मेरे हृदय में तोड़ दो, तुम यह क्षितिज। महादेवी वर्मा का आधुनिक हिंदी काव्य में एक अनोखा स्थान है। उनके काव्य में वेदना और करुणा का स्वर प्रधान है। इसी से इन्हें आधुनिक काल की मीरा कहा जाता है।

6. कुरुक्षेत्र का छठा सर्ग

कुरुक्षेत्र प्रसिद्ध कवि रामधारी सिंह दिनकर द्वारा रचित विचारात्मक काव्य है, यद्यपि इसकी प्रबन्धात्मकता पर प्रश्न उठाये जा सकते हैं, लेकिन यह मानवतावाद के विस्तृत पटल पर लिखा गया आधुनिक काव्य अवश्य है।युद्ध की समस्या मनुष्य की सारी समस्याओं की जड़ है। युद्ध निन्दित और क्रूर कर्म है, किन्तु उसका दायित्व किस पर होना चाहिए? जो अनीतियों का जाल बिछाकर प्रतिकार को आमंत्रण देता है, उस पर? या उस पर, जो जाल को छिन्न-भिन्न कर देने के लिए आतुर रहता है? दिनकर जी के ‘कुरुक्षेत्र’ में ऐसी ही कुछ बातें हैं, जिन पर सोचते-सोचते यह काव्य पूरा हो गया है।

आधुनिक हिन्दी काव्य Unit 2

द्रुत पाठ की दृष्टि से कहानी, उपन्यास, यात्रा, विवरण, जीवनी, लेख, समीक्षा, आलोचना और व्याख्या को उपयुक्त समझा जाता है। यूनिट 2 में 4 द्रुत पाठ है। द्रुत पाठ आधुनिक हिंदी काव्य का महत्वपूर्ण यूनिट है। जिसमें कुल 4 कवियों के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी प्राप्त करनी है।

  1. श्रीधर पाठक
  2. माखनलाल चतुर्वेदी
  3. बालकृष्ण शर्मा ‘नवीन’
  4. सुभद्रा कुमारी चौहान

वैसे तो आधुनिक काल में हिंदी के कई कवि हुए है। यहाँ बी ए पाठ्यक्रम में निम्न कवि निर्धारित है।

मैथिलीशरण गुप्तजीवन परिचय
जयशंकर प्रसादजीवन परिचय
सूर्यकांत त्रिपाठी “निराला”जीवन परिचय
सुमित्रानंदन पंतजीवन परिचय
महादेवी वर्माजीवन परिचय
रामधारी सिंह दिनकरजीवन परिचय

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