परियोजना व ह्यूरिस्टिक विधि में अन्तर

शिक्षण के क्षेत्र में परियोजना विधि तथा ह्यूरिस्टिक विधि दोनों का ही महत्वपूर्ण स्थान है उनके उपयोग आज भी प्रासंगिक हैं उसके दोनों विधियों में प्रमुख अंतर निम्न है-

क्रम संख्यापरियोजना विधिह्यूरिस्टिक विधि
1परियोजना विधि का अविष्कार अमेरिकी शिक्षाशास्त्री सर विलियम किलपैट्रिक द्वारा किया गया।ह्यूरिस्टिक विधि का आविष्कार प्रोफेसर एच. ई. आर्मस्ट्रांग के द्वारा किया गया।
2यह विधि पूर्णत: मनोवैज्ञानिक विधि है।यह विधि पूर्णता तथ्यों पर आधारित विधि है।
3इस विधि में आंकड़ों का एकत्रीकरण किसी समस्या को केंद्रित करते हुए सामुदायिक रूप से किया जाता है।ह्यूरिस्टिक विधि में आंकड़ों का एकत्रीकरण किसी समस्या समाधान के लिए व्यक्तिगत रूप से किया जाता है।
4यह विधि सहचर्य एवं सहयोग के सिद्धांत पर कार्य करती है।यह विधि समस्या समाधान हेतु निरीक्षण एवं चिंतन के सिद्धांत पर कार्य करती है।
5परियोजना विधि में शिक्षक निरीक्षक तथा छात्र अन्वेषक होता है।ह्यूरिस्टिक विधि में छात्र ही निरीक्षक तथा अन्वेषक होता है।
6योजना विधि में सामाजिकता एवं प्रजातांत्रिक भावना का विकास होता है।इस विधि में छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास होता है।
7इस विधि का प्रयोग सामान्य स्तर के बाल को एवं कक्षाओं के लिए उपयोगी है।ह्यूरिस्टिक विधि का प्रयोग प्रभावशाली तथा बड़ी कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए उपयोगी है।
8यह विधि अपेक्षाकृत कम खर्चीली हैयह विधि खर्चीली विधि है।
9योजना विधि का समाज के साथ व्यावहारिक संबंध है।ह्यूरिस्टिक विधि का समाज के साथ व्यावहारिक तथा घनिष्ट संबंध होना आवश्यक है।
10योजना विधि के अंतर्गत विषयों का क्रमबद्ध अध्ययन करना शुगम होता है।इस विधि के अंतर्गत छात्रों को किसी समस्या का क्रमबद्ध अध्यन करना शुगम है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.