प्रजातंत्र परिभाषा व रूप

प्रजातंत्र अंग्रेजी भाषा के Democracy का हिंदी रूपांतरण है। जोकि दो शब्दों के योग से बना है – Demos और Kratia। इसमें Demos का अर्थ है जनता तथा Kratia का अर्थ है शक्ति या शासन। इस प्रकार शाब्दिक दृष्टि से इसका अर्थ है “जनता का शासन”। जिस देश में जनता को शासन के कार्यों में भाग लेने का अधिकार होता है और स्वयं शासन का संचालन करती है उस देश में प्रजातंत्र की व्यवस्था मानी जाती है।

प्रजातंत्र परिभाषा

प्रजातंत्र को अनेक विद्वानों ने निम्न प्रकार से परिभाषित किया है।

प्रजातंत्र वह शासन है जिसमें जनता का अपेक्षाकृत बड़ा भाग शासन में भाग लेता है।

डायसी के अनुसार
Indian Constitution, The Judiciary, प्रजातंत्र

प्रजातंत्र वह व्यवस्था है जिसमें प्रत्येक व्यक्ति का भाग होता है।

सीले के अनुसार

प्रजातंत्र जनता का जनता के लिए जनता द्वारा शासन है।

लिंकन के अनुसार

वास्तविक अर्थ में प्रजातंत्र केवल सरकार का ही रूप नहीं है। यह तो समाज का राज्य का आर्थिक व्यवस्था का तथा नैतिकता का स्वरूप भी है। अर्थात केवल प्रजातंत्र शासन ही पर्याप्त नहीं है।

साथ ही समाज राज्य अर्थव्यवस्था भी प्रजातंत्रात्मक होनी चाहिए। समाज में जाति पाति छुआछूत तथा ऊंच-नीच का भेद नहीं होना चाहिए तथा सभी को समानता का अधिकार प्राप्त होना चाहिए। जनता द्वारा ही राज्य का संगठन स्वरूप तथा संविधान निर्धारित होना चाहिए इसी प्रकार आर्थिक क्षेत्र में प्रजातंत्र का अर्थ है कि प्रत्येक व्यक्ति अपनी जीविका के संबंध में आत्मनिर्भर और स्वतंत्र हो।

प्रजातंत्र
प्रजातंत्र

प्रजातंत्र के रूप

प्रजातंत्र दो प्रकार का होता है प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष प्रजातंत्र। लेकिन इसके प्रमुख रूप से निम्न तीन प्रकार है-

  1. लोक निर्णय
  2. प्रस्तावाधिकार
  3. प्रत्यावर्तन

लोक निर्णय में महत्वपूर्ण कानूनी तथा संविधान संशोधनों पर जनता की स्वीकृति ली जाती है। प्रस्ताव अधिकार में जनता आवेदन पत्र द्वारा स्वयं किस कानून का प्रस्ताव करती है। प्रत्यावर्तन जनता को अपने निर्वाचन प्रतिनिधि वापस बुलाने का अधिकार होता है। इस व्यवस्था में जनता प्रतिनिधि चुनती है और यह प्रतिनिधि कानून बनाते हैं तथा जनता अपने प्रतिनिधियों के माध्यम से प्रभुसत्ता का प्रयोग करती है।

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