बुद्धि

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बुद्धि एक अत्यंत जटिल मानसिक प्रक्रिया है यद्यपि बुद्धि वास्तव में क्या है? इस पर विद्वानों एवं मनोवैज्ञानिकों में वाद विवाद चलता आ रहा है। पुराने समय में जो छात्र अधिक किताबों को रट लिया करता था, उनको बुद्धिमान समझा जाता था। लेकिन वर्तमान समय में मनोवैज्ञानिकों ने बुद्धि की व्याख्या करने की कोशिश की है।
वास्तविक रूप में यदि देखा जाए तो बुद्धि के स्वरूप की व्याख्या कर सकना असंभव है।

बुद्धि

बुद्धि की परिभाषा

आधुनिक मनोवैज्ञानिकों ने बुद्धि के रूप स्वरूप को निश्चित करने के लिए अलग-अलग परिभाषाएं दी हैं। कुछ महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिकों के द्वारा बुद्धि के संबंध में दी गई परिभाषाएं इस प्रकार हैं-

अमूर्त चिंतन की योग्यता ही बुद्धि है।

बुद्धि पहचानने तथा सुनने की शक्ति है।

अवधान की शक्ति ही बुद्धि है।

बुद्धि के अंतर्गत व्यक्ति की समान योग्यताओं का समावेश है।

व्यक्ति में वस्तु स्थिति के अनुसार प्रतिक्रिया की योग्यता बुद्धि है।

नई परिस्थितियों में समायोजन की योग्यता ही बुद्धि है।

बुद्धि उन समस्याओं को हल करने की योग्यता है जिसमें ज्ञान और प्रतीक के उपयोग की आवश्यकता होती है। जैसे शब्द, रेखाचित्र, समीकरण, सूत्र आदि।

इस प्रकार से विभिन्न मनोवैज्ञानिकों के विचारों में मतभेद होने के कारण बुद्धि के स्वरूप के संबंध में कुछ निश्चित कहना अत्यंत कठिन कार्य है। बेलार्ड जो महोदय के अनुसार बुद्धि की विभिन्न परिभाषाओं को हम मुख्य रूप से तीन श्रेणियों में बांट सकते हैं-

  1. बुद्धि दो या तीन विभिन्न योग्यताओं का समूह है।
  2. बुद्धि एक ऐसी योग्यता है जो सभी मानसिक प्रक्रियाओं में सहायता करती है।
  3. बुद्धि सभी प्रकार की विशिष्ट योग्यताओं का निचोड़ है।
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बुद्धि के प्रकार

थार्नडाइक ने बुद्धि के निम्न तीन प्रकार बताए हैं-

  1. अमूर्त बुद्धि – थार्नडाइक ने सूक्ष्म या अमूर्त चिंतन, कल्पना या संवेदन करने की योग्यता को अमूर्त बुद्धि माना है। इस प्रकार की बुद्धि का संबंध शब्द, अंक, प्रतीक, संकेत आदि से समस्याओं को हल करने से होता है।
  2. मूर्त या यांत्रिक बुद्धि – जब हम मूर्त या स्थूल विषयों से संबंधित कार्य करते हैं तो मूर्त या यांत्रिक बुद्धि का सहारा लेते हैं। मूर्त बुद्धि निष्पादन कार्यों, यांत्रिक कार्यों, गामक क्रियाओं आदि के क्षेत्र में प्राणी की सहायता करती है।
  3. सामाजिक बुद्धि – इस प्रकार की बुद्धि या मानसिक योग्यता के द्वारा व्यक्ति सामाजिक कार्य, व्यवहार तथा कुशलताओं को पूर्ण करता है। यह व्यक्ति को समाज के साथ समायोजन स्थापित करने में सहायता करती है।
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बुद्धि की विशेषताएं

बुद्धि की विशेषताएं निम्न है-

  1. बुद्धि सीखने में व्यक्ति की सहायता करती है।
  2. बुद्धि जन्मजात वंशानुक्रम द्वारा प्राप्त की हुई स्वाभाविक विशेषता है।
  3. बुद्धि की सहायता से व्यक्ति कठिन से कठिन परिस्थितियों, समस्याओं, संकटों एवं विषमताओं को आसानी से सामान्य कर लेता है।
  4. वंशानुक्रम का बुद्धि पर बहुत अधिक प्रभाव पड़ता है।
  5. बुद्धि तथा ज्ञान में गहरा संबंध होता है।
  6. लिंग भेद के कारण बुद्धि में कोई अंतर नहीं होता है।
  7. बुद्धि व्यक्ति को चीजों को सीखने तथा अपने आपको ढालने में सहायता देती है।
  8. बुद्धि जटिल व सूक्ष्म तत्वों को सुलझाने में सहायता देती है।
  9. किशोरावस्था के मध्य तक बुद्धि का पूर्ण विकास हो जाता है।
  10. बुद्धि परीक्षणों से यह ज्ञात हुआ है कि अधिकतर बालक औसत बुद्धि के हुआ करते हैं।
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