मुक्त विश्वविद्यालय

शिक्षा के क्षेत्र में मुक्त विश्वविद्यालय एक नवीन अवधारणा है। मुक्त विश्वविद्यालय का अर्थ उस विश्वविद्यालय से है जो विश्वविद्यालय परिसर से दूर रहने वाले छात्रों को शिक्षा प्रदान करता है। मुक्त विश्वविद्यालय के द्वार छात्रों के लिए सदैव खुले रहते हैं। इससे यह अभिप्राय है कि मुक्त विश्वविद्यालय के अंतर्गत शिक्षा प्राप्त करने के लिए न तो किसी प्रकार का आयोजन है और न ही औपचारिक शिक्षा की आवश्यकता होती है।

मुक्त विश्वविद्यालय के अंतर्गत मुख्यत: अध्ययन के दो क्षेत्र हैं-

  1. स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम
  2. उत्तरोत्तर अनुभव प्रशिक्षण और शिक्षा
मुक्त विश्वविद्यालय
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भारत में मुक्त विश्वविद्यालय

भारत में मुक्त विश्वविद्यालय का विचार डॉक्टर वी के आर वी राव ने दिया। जनसंख्या विस्फोट और शिक्षा के अधिकार के संविधानिक प्रावधान के कारण देश में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ गई है। इसलिए उत्पन्न होने वाली समस्याओं के निवारण हेतु भारत सरकार ने जी पार्थसारथी की अध्यक्षता में एक कार्यकारी समूह का गठन किया और इस कार्यकारी समूह ने भारत में मुक्त विश्वविद्यालय की स्थापना की। जी• पार्थसारथी दिल्ली विश्वविद्यालय के उप कुलपति थे। कार्यकारी समूह की संस्कृति के आधार पर भारत में मुक्त विश्वविद्यालय की स्थापना करने का सूत्रपात हुआ। भारत में स्थापित कुछ मुक्त विश्वविद्यालय निम्न है –

  1. दिल्ली विश्वविद्यालय 1962
  2. पंजाबी विश्वविद्यालय पटियाला 1967
  3. जम्मू विश्वविद्यालय जम्मू 1976
  4. आंध्र मुक्त विश्वविद्यालय 1982
  5. मुक्त विद्यालय दिल्ली 1983
  6. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय 1985
  7. नालंदा मुक्त विश्वविद्यालय बिहार 1987
  8. कोटा मुक्त विश्वविद्यालय राजस्थान 1987
  9. महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक 1988
  10. शिमला विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश 1971
मुक्त विश्वविद्यालय
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मुक्त विश्वविद्यालय की विशेषताएं

मुक्त विश्वविद्यालय की विशेषताएं निम्न है-

  1. मुक्त विश्वविद्यालय के अंतर्गत प्रवेश संबंधी नियम आसान है। इनमें विद्यार्थियों को औपचारिक योग्यताओं के अभाव में अध्ययन से वंचित नहीं किया जा सकता।
  2. मुक्त विश्वविद्यालय के अंतर्गत विद्यार्थी स्वयं की अनुमति से और स्वयं की सुविधा अनुसार अध्ययन करता है।
  3. मुक्त विश्वविद्यालय एक लचीली शैक्षणिक प्रणाली है। इसमें समय और स्थान का प्रबंध नहीं होता है और किसी भी पाठ्यक्रम के युग्मक को चयनित करने की स्वतंत्रता होती है।
  4. मुक्त विश्वविद्यालय के अंतर्गत शिक्षा कक्षा कक्षा आधारित ना होकर गृह आधारित शिक्षा होती है अर्थात विद्यार्थी घर पर शिक्षा प्राप्त करता है।
  5. मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा शिक्षा के अंतर्गत साख का स्थानांतरण एक कार्यक्रम से अन्य कार्यक्रम और एक विश्वविद्यालय से दूसरे विश्वविद्यालय को परंपरागत या गैर परंपरागत रूप से होता है।
  6. मुक्त विश्वविद्यालय के अंतर्गत जनसमूह को शिक्षित करने के उद्देश्य से केवल शिक्षक पर निर्भर रहने की बजाय संचार तकनीकी का उपयोग किया जाता है।
  7. मुक्त विश्वविद्यालय के अंतर्गत शिक्षण की गुणवत्ता होती है क्योंकि इसके शैक्षणिक कार्यक्रमों को तैयार करने के लिए देश के सर्वोत्तम विशेषज्ञों की मदद ली जाती है।
वैदिककालीन शिक्षाबौद्धकालीन शिक्षा
मुस्लिमकालीन शिक्षातक्षशिला विश्वविद्यालय
मैकाले का विवरण पत्र 1835लॉर्ड विलियम बैंटिक की शिक्षा नीति
एडम रिपोर्टवुड का घोषणा पत्र
लार्ड कर्जन की शिक्षा नीतिहण्टर आयोग
सैडलर आयोग 1917बुनियादी शिक्षा – वर्धा शिक्षा योजना
वर्धा योजना की असफलता के कारणसार्जेण्ट रिपोर्ट 1944
विश्वविद्यालय शिक्षा आयोगमुदालियर आयोग 1952
त्रिभाषा सूत्रकोठारी आयोग 1964
शिक्षा का राष्ट्रीयकरणप्रौढ़ शिक्षा अर्थ आवश्यकता उद्देश्य क्षेत्र
राष्ट्रीय साक्षरता मिशनविश्वविद्यालय के कार्य
उच्च शिक्षा के उद्देश्यउच्च शिक्षा समस्याएं
शैक्षिक स्तर गिरने के कारणदूरस्थ शिक्षा अर्थ परिभाषा
मुक्त विश्वविद्यालयसंतुलित पाठ्यक्रम आवश्यकता
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