मूल्यांकन उपागम से आप क्या समझते हैं?

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डॉक्टर बी एस ब्लूम द्वारा निर्धारित शिक्षण योजना को मूल्यांकन कहते हैं। यह उपागम उद्देश्य केंद्रित है। विद्यालयों में शिक्षण उपरांत बालकों के व्यवहार में होने वाले परिवर्तनों के संबंध में प्रमाणों के संकलन करने तथा उनकी व्याख्या करने की प्रक्रिया को ही मूल्यांकन उपागम कहते हैं। किस उपागम में पाठ का मूल्यांकन भी इस दृष्टि से किया जाता है कि निर्धारित उद्देश्य प्राप्त हुए अथवा नहीं।

दूसरे शब्दों में यह कहा जा सकता है कि इस उपागम के द्वारा पाठ योजना के निर्माण में शिक्षण उद्देश्यों को प्राथमिकता दी जाती है। मूल्यांकन में बालक के संपूर्ण व्यवहार परिवर्तन और शिक्षण प्रक्रिया के उपकरणों एवं विधियों की जांच की जाती है कि वह कहां तक उद्देश्यों की प्राप्ति में सहायक हुए हैं। बालक के इस संपूर्ण विकास को ही व्यवहार परिवर्तन कहते हैं।

मूल्यांकन उपागम के विभिन्न सोपान निम्न है:-
1. शैक्षिक उद्देश्यों एवं व्यवहारगत परिवर्तनों का निर्धारण करना
2. सीखने के अनुभव प्रदान करना
3. व्यवहारगत परिवर्तनों का मूल्यांकन करना

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