विज्ञान की उपयोगिता

आज के उच्च तकनीकी युग में मनुष्य का जीवन सुबह उठने से लेकर शाम को सोने तक पूर्णता विज्ञान पर निर्भर है। मनुष्य की प्रकृति से संबंधित आज इतनी कम होती जा रही है उसी अनुपात में जीवन विज्ञान पर आधारित होता जा रहा है। प्राचीन काल में हमारा जीवन दीपक पर आधारित था तो आज बिजली के उस पार द्वारा प्रकाश में है। वर्तमान में मानव सभ्यता जितने उच्च शिखर पर पहुंची है, उसका श्रेय विज्ञान को ही जाता है।

हमारे दैनिक जीवन में प्रयोग होने वाली छोटी छोटी चीजों से लेकर बड़े-बड़े जेट विमान राकेट आज में बुनियादी परिवर्तन हुआ है, जिससे हमारे कार्य करने की क्षमता में कई गुना वृद्धि हो गई है।

विज्ञान की उपयोगिता

विज्ञान के विकास के कारण ही जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में तेजी से विकास हुआ है। दैनिक जीवन में उपयोगिता के आधार पर विज्ञान के महत्व को निम्नलिखित क्षेत्रों में बांटा जा सकता है।

  1. कृषि के क्षेत्र में
  2. अंतरिक्ष के क्षेत्र में
  3. परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में
  4. रक्षा के क्षेत्र में
  5. जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में

कृषि के क्षेत्र में

आजादी से पहले हमारे देश की संपूर्ण जनसंख्या को भरपेट अनाज नहीं उपलब्ध हो पाता था वही आज हम एक अरब जनसंख्या के भरण-पोषण के बाद अनाज का निर्यात करने की स्थिति में है। डॉक्टर बी पी पाल, डॉक्टर स्वामीनाथन, बोरलॉग के अथक प्रयासों द्वारा कृषि के क्षेत्र में हरित क्रांति का उद्भव हुआ। इससे हमारा खाद्यान्न उत्पादन में कई गुना वृद्धि संभव हुई।

अंतरिक्ष के क्षेत्र में

आज हमारे देश में अंतरिक्ष के क्षेत्र में उन 7 देशों की श्रेणी में खड़ा हुआ है जो उपग्रह छोड़ने की क्षमता रखते हैं। इसके द्वारा दूरस्थ शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति हुई है। घर बैठे ही शिक्षा के महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की जानकारी उपलब्ध हो जाती है। इसके अतिरिक्त पृथ्वी के वातावरण व महासागर पर निगरानी रखने वाली तकनीकी की सहायता से हमें मौसम की पल-पल जानकारी उपलब्ध हो जाती है।

अंतरिक्ष में स्थित उपग्रहों की सहायता से उपज की संभावना, मिट्टी की गुणवत्ता, जल संसाधन व पर्यावरण विकास की सूचना प्राप्त होती है। इसी के द्वारा दूरसंचार के क्षेत्र में व्यापक विकास संभव हो सका है जो हमारे दैनिक जीवन की उपयोगिता बन गई है।

परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में

खनिज अनुसंधान हेतु इंधन निर्माण एवं ऊर्जा उत्पादन के द्वारा कृषि चिकित्सा आदि क्षेत्रों में हमारी आत्म निर्भरता बढ़ी है। बीजों के जैविक सुधार के लिए विकिरण का उपयोग करके नई नई किस्मों का विकास हुआ है। जिससे फसल उत्पादन में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है।

रक्षा के क्षेत्र में

रक्षा के क्षेत्र में सुदृढ़ होने पर ही हमारी सुरक्षा निर्भर करती है। विज्ञान में विकास के द्वारा ही हमारा सैन्य संगठन मजबूत हुआ है। हमारे पास विश्व स्तरीय सैन्य उपकरण हैं पृथ्वी, आकाश, त्रिशूल, नाग व अग्नि जैसी मिसाइलों के सफल प्रक्षेपण से लेकर अर्जुन टैंक के निर्माण तक रक्षा विज्ञान के क्षेत्र में बहुत विकास हुआ है।

जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में

विज्ञान के दृष्टिकोण से यह एक नया विषय है इसके द्वारा हम ने कृषि क्षेत्र में काफी परिवर्तन किया है। फसलों की नई-नई उन्नतशील किस्मों को जैव प्रौद्योगिकी तकनीक के द्वारा विकसित किया है। रसायनिक उर्वरकों की निर्भरता को कम करने के लिए जैविक उर्वरकों का विकास किया गया है। जैव तकनीक द्वारा नए आनुवंशिक गुणों वाले जीवो का उद्गम फिंगर प्रिंटिंग द्वारा पितृत्व अपराध समस्याओं को सुलझाना नई औषधियों का विकास आदि दैनिक उपयोगिता वाली चीजों का विकास जैव प्रौद्योगिकी द्वारा ही संभव हो सका है।

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