विज्ञान मेले

विज्ञान मेले ज्ञान प्राप्त का ऐसा मंच है जिसमें छात्र शिक्षक माता-पिता व समाज से अन्य व्यक्ति एक साथ मिलकर ज्ञानार्जन कर सकते हैं। इन के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी उपलब्धियों को प्रदर्शित करने का शुभ अवसर प्राप्त होता है। इन मेलों में कई विद्यालयों के छात्र एक साथ मिलकर विभिन्न प्रतियोगिताओं कार्यक्रमों में भाग लेते हैं इससे आपस में परस्पर विचारों के आदान-प्रदान से ज्ञान में भी वृद्धि होती है। इन मेलों का आयोजन एनसीईआरटी व राज्य सरकारों के अतिरिक्त कई अन्य संस्थाएं भी करती हैं।

विज्ञान मेला छात्रों के प्रदर्शन हेतु वस्तुओं का संग्रह कहलाता है।

शिक्षा शब्दकोश के अनुसार

इसमें प्रत्येक वर्ष की जैविक राजधानी घोषित हुआ सपने सिद्धांत प्रयोगशाला विधि और विकास के लिए कुछ पैसे जाए प्रदर्शित करने के लिए तैयार की जाती है।

विज्ञान मेलों के उद्देश्य

  1. छात्रों का अपने विचारों को प्रस्तुत करना तथा कक्षा शिक्षण को प्रोत्साहित करना।
  2. छात्रों के द्वारा तैयार विज्ञान संबंधी सामग्री को प्रदर्शित करके अन्य छात्रों को प्रोत्साहित करना।
  3. मेले में भाग लेने वाले छात्रों में विज्ञान संबंधी आकर्षण पैदा करना।
  4. प्रतिभाशाली छात्रों को उचित मंच प्रदान करना।
  5. अभिभावकों को विद्यालय में कराए गए कार्यों से परिचित कराना।
  6. प्रतिभाशाली छात्रों की खोज करना।

विज्ञान मेलो का आयोजन

मेलों के सफल आयोजन करने के लिए यह अति आवश्यक है कि इसके सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्य योजना बनानी चाहिए और इसके लिए निम्न प्रक्रिया को अपनाना चाहिए।

  1. आर्थिक व्यवस्था
  2. स्थान समय व अवधि का निर्णय
  3. मेले के लक्ष्य एवं उद्देश्य का निर्धारण
  4. कार्य विभाजन
  5. समितियों का गठन
  6. प्रचार-प्रसार
  7. मूल्यांकन

विज्ञान मेलों का महत्व

विज्ञान मेलों का महत्व निम्नलिखित है।

  1. विद्यार्थी सामूहिक परियोजना और गतिविधियों में भाग लेते हैं और वह कई प्रकार की ऐसी बातें सीखते हैं जो कि कक्षा में नहीं सीखी जा सकती।
  2. इन मेलों से विद्यार्थियों की रचनात्मक जिज्ञासा और उपलब्धि की प्रविष्टियों को संतुष्टि मिलती है।
  3. इन मेलों का सबसे अधिक महत्व है कि उन के माध्यम से विज्ञान प्रतिभा की खोज की जा सकती है।
  4. इन मेलों से विद्यार्थी केवल बौद्धिक रूप से ही उससे नहीं होते बल्कि सामाजिक शैक्षिक और मनोवैज्ञानिक रूप से भी विकसित होते हैं।
  5. विद्यार्थियों में वैज्ञानिक खोजों के प्रति रूचि का विकास होता है और वह वैज्ञानिक समस्या का समाधान करते हैं।

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