वृद्धों की योजनाएं

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वृद्धों की योजनाएं वृद्धों की चौमुखी सहायता करने के लिए संस्थाओं द्वारा चलाई जाती हैं। वृद्धजनों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सरकारी और गैर सरकारी संस्थान मिलकर कार्य कर रहे हैं।

वृद्धों की योजनाएं

वृद्धों के लिए निम्नलिखित कल्याणकारी कार्यक्रम और योजनाएं चलाई गई है-

  1. राष्ट्रीय वृद्धजन परिषद
  2. राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना
  3. केंद्रीय सहायता योजना
  4. वृद्ध आश्रम
  5. डे केयर सेंटर
  6. वृद्धों के लिए चिकित्सा सेवाएं
  7. वृद्धों के लिए गैर संस्थागत सेवाएं
वृद्धों की योजनाएं
वृद्धों की योजनाएं

BA Second Sociology I

1. राष्ट्रीय वृद्धजन परिषद

भारत सरकार की राष्ट्रीय नीति को दृष्टिगत रखते हुए वृद्धजनों के संबंध में 1999 में इस परिषद की स्थापना की गई। इस परिषद का प्रमुख कार्य वृद्धों की शिकायतों और कठिनाइयों को ध्यान पूर्वक सुनना और उन पर विचार करना है।

2. राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना

इस योजना का आरंभ भारत सरकार के राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के अंतर्गत किया गया। वृद्धावस्था जीवन का एक महत्वपूर्ण अंग है। व्यक्ति इस अवस्था तक आते-आते कार्य करने की एवं धन कमाने की क्षमता को खो देता है। लेकिन कुछ मामलों में वृद्धों की देखभाल के लिए कोई नहीं होता। जिसको देखकर राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना का शुभारंभ किया गया।

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3. केंद्रीय सहायता योजना

भारत सरकार द्वारा वृद्धों के कल्याण के लिए 1992 में इस योजना का आरंभ किया गया। यह सहायता वृद्धजनों के लिए आश्रमों तथा दिन में देखभाल करने वाले केंद्रों और चलते-फिरते अस्पतालों की स्थापना के लिए दी जाती है। वृद्धों के कल्याण हेतु गैर संस्थागत सेवाओं के लिए भी अनुदान दिया जाता है।

4. वृद्ध आश्रम

वृद्धों के कल्याण के लिए वृद्ध आश्रम की स्थापना की गई जहां पर 7 वर्ष या इससे अधिक आयु के कम से कम 25 लोगों को एक आश्रम में रखा जाता है। इन आश्रमों में ऐसे वृद्धों को शरण देने पर विचार किया जा रहा है जिनकी कहीं से किसी भी प्रकार की कोई आय नहीं है। आश्रम व्यवस्था के अंतर्गत वृद्धों को अंशकालीन चिकित्सा व्यवस्था भी प्रदान की जाती है जिसके अंतर्गत उन्हें एक निश्चित सीमा तक दबाए प्रदान की जाती है।

5. डे केयर सेंटर

इन सेंटर का संचालन ग्रामीण एवं जनजाति क्षेत्रों में किया जा रहा है। यह सेंटर वृद्धजनों की दिन में देखभाल करते हैं ऐसे सेंटर शहरों में झुग्गी झोपड़ी में एवं बस्ती में चलाए जाते हैं। यह सेंटर स्वयंसेवी संगठनों द्वारा चलाए जाते हैं, जिन्हें शासन द्वारा सहायता प्रदान की जाती है।

वृद्धों की योजनाएं
वृद्धों की योजनाएं
1.निर्धनतानिर्धनता का अर्थ एवं परिभाषा
भारत में निर्धनता के कारण
निर्धनता का सामाजिक प्रभाव
2.जातीय विषमताजाति अर्थ परिभाषा लक्षण
3.लैंगिक विषमतालैंगिक असमानता के कारण व क्षेत्र
4.धार्मिक व क्षेत्रीय समस्याएं धर्म परिभाषा लक्षण
धर्म में आधुनिक प्रवृत्तियां
धार्मिक असामंजस्यता
भारतीय समाज में धर्म की भूमिका
5.अल्पसंख्यकअल्पसंख्यक अर्थ प्रकार समस्याएं
अल्पसंख्यक कल्याण कार्यक्रम
6.पिछड़ा वर्गपिछड़ा वर्ग समस्या समाधान सुझाव
7.दलितदलित समस्या समाधान
8.मानवाधिकार का उल्लंघनमानवाधिकार
मानवाधिकार आयोग
9.दहेज प्रथादहेज प्रथा
10.घरेलू हिंसाघरेलू हिंसा
11.तलाकतलाक
संघर्ष अर्थ व विशेषताएं
जातीय संघर्ष
जातीय संघर्ष निवारण
12.वृद्धों की समस्याएंभारत में वृद्धो की समस्याएं
वृद्धों की योजनाएं

6. वृद्धों के लिए चिकित्सा सेवाएं

वृद्ध जनों को चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करने के लिए समाज के प्रत्येक क्षेत्र में चल चिकित्सा सेवा योजना आरंभ की गई। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए कुशल एवं अनुभवी स्वयंसेवी संगठन को भारत सरकार द्वारा अनुदान दिया जाता है।

7. वृद्धों के लिए गैर संस्थागत सेवाएं

इस प्रकार की सेवाओं के अंतर्गत वृद्धजनों की सहायता करने के लिए एक सामाजिक कार्यकर्ता की नियुक्ति की जाती है। जो कि वृद्धों की कानूनी सलाह पेंशन, मकान किराया, भत्ता, आयकर एवं बैंक आदि के कार्यों में सहायता प्रदान करता है। वृद्धों को ऐनक बनवाने एवं सुनने के यंत्र आदि दिलाने में भी सहायता करता है।

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