शिक्षण प्रतिमान के प्रकार

शिक्षण प्रतिमान परिवार को मुख्य चार परिवारों में वर्गीकृत किया गया है –

  1. सामाजिक परिवार
  2. सूचना प्रक्रिया परिवार
  3. व्यक्तिगत परिवार
  4. व्यावहारिक व्यवस्था परिवार

उपरोक्त परिवारों के आधार पर ही जायज एवं वील ने शिक्षण प्रतिमान ओं को वर्गीकृत किया है, जिन्हें आधुनिक शिक्षण प्रतिमान कहा जाता है इनका विवरण निम्न है-

सामाजिक अंत:क्रिया शिक्षण प्रतिमान

सामाजिक अंत:क्रिया शिक्षण प्रतिमान में मनुष्य के सामाजिक पक्ष के दृष्टिगत सामाजिक विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है। मानव अपने सामाजिक संबंधों पर अधिक बल देता है। इसीलिए इसका अध्ययन उस शिक्षण प्रतिमान में किया जाता है। जिसमें संबंधित प्रजातांत्रिक व्यवहार को उत्पन्न करने सामाजिक जीवन दोनों में वृद्धि करने में नागरिकों को तैयार किया जा सके।

सूचना प्रक्रिया शिक्षण प्रतिमान

सूचना प्रक्रिया शिक्षण प्रतिमान में मानव प्राणियों के जन्मजात से संबंधित व्रतियों पर बल दिया जाता है। इसमें इसके आंकड़ों को प्राप्त करने कथा व्यवस्थित करने समस्याओं की भावना समझने और समाधान खोजने का प्रयास किया जाता है। इसलिए प्रतिमान सृजनात्मक चिंतन उत्पन्न करते हैं। इस शिक्षण प्रतिमान के निम्नलिखित 6 प्रकार हैं।

  1. वैज्ञानिक पूछताछ प्रशिक्षण प्रतिमान
  2. संप्रत्यय उपलब्धि शिक्षण प्रतिमान
  3. अग्रिम संगठन शिक्षण प्रतिमान
  4. आगमन शिक्षण प्रतिमान
  5. जैविक विज्ञान पूछताछ शिक्षण प्रतिमान
  6. विकासात्मक शिक्षण प्रतिमान

व्यक्तिगत शिक्षण प्रतिमान

व्यक्तिगत शिक्षण प्रतिमान में व्यक्तिगत विकास को विशेष महत्व दिया जाता है जिससे वह स्वयं के विषय में समझ सकें अपनी शिक्षा के उत्तरदायित्व ले सकें और अपने विकास से आगे बढ़ने के लिए सीख सकें और उच्च स्तरीय जीवन यापन के लिए अपनी खोज में अधिक संवेदनशील और अधिक रचनात्मक हो सके।

व्यवहार परिवर्तन शिक्षण प्रतिमान

व्यवहार परिवर्तन शिक्षण प्रतिमान किसी के व्यवहार में परिवर्तन करने पर बल देते हैं जिसमें व्यवहारों कार्यों एवं विधियों का विशेष रूप से ध्यान केंद्रित किया जाता है।

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