सफलता

हमें अपना ध्यान उन चीजों पर लगाना चाहिए, जिन्हें हम चाहते हैं ना कि उन चीजों पर जिन्हें हम नहीं चाहते। सफलता इत्तेफाक की देन नहीं है। यह हमारे नजरिए का नतीजा होती है, और अपना नजरिया हम खुद ही चुनते हैं। इसलिए सफलता इत्तेफाक से नहीं मिलती बल्कि हम उसका चुनाव करते हैं।

बड़ी सफलताएं हासिल करने वाले लोग अपना वक्त व्यर्थ, जटिल किस्म के, या विनाशकारी विचारों से उलझ कर नष्ट नहीं करते। वे रचनात्मक ढंग से सोचते हैं,और उन्हें मालूम होता है कि उनके सोचने का तरीका ही उनकी कामयाबी को तय करेगा।

डॉक्टर सेमोर एप्सटीन
सफलता

सफलता

सफलता और असफलता के बारे में काफी शोध किया गया है। सफलता का राज सफल लोगों के जीवन के इतिहास को पढ़कर जाना जा सकता है। सफल लोग चाहे जिस दौर में पैदा हुए हो, और चाहे जिस क्षेत्र में सक्रिय रहे हो, उनमें कुछ खासियते समान रूप से पाई जाती रही हैं।

सफलता अपने निशान छोड़ जाती है। यदि हम सफल लोगों के गुणों को पहचान कर उन्हें अपना ले, तो हम भी सफल हो जाएंगे। इसी तरह असफल लोगों में भी कुछ समानताएं होती हैं। यदि हम उन में पाई जाने वाली कमियों को खुद से दूर रखें, तो असफल नहीं होंगे।

सफलता कोई रहस्य नहीं है या केवल कुछ बुनियादी उसूलों को लगातार अमल में लाने का नतीजा होती है। इसका उल्टा भी उतना ही सही है। असफलता और कुछ नहीं बल्कि कुछ गलतियों को लगातार दोहराने का नतीजा होती है। यह बात आपको काफी सरल लगती होगी, लेकिन हकीकत यही है कि ज्यादातर सच बड़े सरल होते हैं। मैं यह नहीं कह रहा हूं कि वह आसान होते हैं लेकिन यह सच है कि वह सरल होते हैं।

सदा मुस्कुराना और सबको प्यार करना। घोड़े जनों का सम्मान पाना। बच्चों के दिल में रहना। सच्चे आलोचकों से स्वीकृत पाना। झूठे दोस्तों की दगाबाजी को सहना। खूबसूरती को सराहना। दूसरों में खूब या तलाशना।किसी उम्मीद के बिना दूसरों के लिए खुद को अर्पित करना। उत्साह के साथ हंसना और खेलना और मस्ती भरे तराने गाना,इस बात का एहसास कि आपकी जिंदगी में किसी एक व्यक्ति का जीवन आसान बनाया यही सच्ची सफलता है।-अज्ञात

हम सफलता को कैसे परिभाषित करते हैं?

किसी भी आदमी को कौन सी चीज कामयाब बनाती है? हमें सफलता का एहसास कैसे होता है?किसी के लिए सफलता का मतलब दौलत दूसरे के लिए शोहरत तीसरे के लिए सेहत चौथे के लिए परिवारिक खुशी आत्म संतुष्टि और मन की शांति हो सकता है। इसका मतलब यह हुआ कि सफलता एक निजी एहसास है। अलग-अलग लोगों के लिए इसका अलगअलग मतलब होता है। इस परिभाषा में सफलता की व्याख्या बहुत अच्छे ढंग से की गई है-

“मूल्यवान लक्ष्य की लगातार प्राप्ति का नाम ही सफलता है।”

अर्ल नाइटेंगल

आइए इन परिभाषाओ को सावधानीपूर्वक देखें-

निरंतर“(progressive) का अर्थ यह है कि सफलता लक्ष्य नहीं बल्कि एक सफर है। हम इस सफर में लक्ष्य पर कभी नहीं पहुंचते एक लक्ष्य पर पहुंचने के बाद हमारी सफर दूसरे लक्ष्य के लिए शुरू हो जाती है और यह सिलसिला जारी रहता है।

अनुभूति“(realisation) का मतलब है अनुभव करना हमें सफलता का एहसास बाहरी चीजों की वजह से नहीं होता है। हम इसे अपने भीतर महसूस करते हैं या बाहरी नहीं बल्कि अंदरूनी चीज है। इसलिए कई बार कोई चीज बाहर से सफलता लग सकती है। पर वह हमें अंदर से बिल्कुल खोखली लगती है।

सार्थकता“(worthiness) का संबंध हमारी मूल्य प्रणाली से है मूल्य रहित लक्ष्य सार्थक नहीं हो सकते हम किस दिशा में बढ़ रहे हैं। सकारात्मक लक्ष्य की दिशा में यह नकारात्मक लक्ष्य की दिशा में सार्थकता से हमारी सफर का स्तर यानी उसकी गुणवत्ता तय होती है। इसीसे हमारी सफर को अर्थ और हमें आत्म संतुष्टि मिलती है। लक्ष्य महत्वपूर्ण है- क्योंकि उनके कारण हमें अपनी दिशा का एहसास होता है।

जो सफलता आत्म संतुष्टि ना दे वह खोखली होती है। मुझे नहीं मालूम की कामयाबी पाने की कुंजी क्या है, पर हर आदमी को खुश करने की कोशिश करना ही ना कामयाबी की कुंजी है- बिल कॉस्बी

कामयाबी का मतलब यह नहीं है कि हर इंसान आपको कबूल और पसंद करें। कुछ ऐसे लोग भी हैं, जिन से मान्यता पाना में खुद नहीं चाहूंगा।मूर्खों की आलोचना को मैं घिनौने चरित्र के लोगों की तारीफ से बेहतर मानता हूं।

मैं सफलता को अच्छी किस्मत का नतीजा मानता हूं, जो हमें प्रेरणा, आकांक्षा, हताशा और तैयारी की वजह से मिलती है। आमतौर पर कामयाबी के सफर का सिलसिला ऐसा ही होता है। सफलता और प्रसंता का चोली दामन का साथ है। सफलता का मतलब यह है कि हम जो चाहे उसे पा ले,और प्रसंता का मतलब क्या है कि हम जो पाए, उसे चाहे।

सफलता का मतलब अपने अस्तित्व को कायम रखना भर नहीं है इसका अर्थ उससे ज्यादा व्यापक है।

  • सिर्फ जिंदगी ना गुजारो- जिओ (do more than exit- live)
  • सिर्फ छुआ नहीं- महसूस करो(do more than touch- feel)
  • सिर्फ देखो नहीं- गौर करो(do more than look- observe)
  • सिर्फ पढ़ो नहीं- जीवन में उतारो(do more than read- absorb)
  • सिर्फ सुनो नहीं- ध्यान से सुनो(do more here- listen)
  • सिर्फ ध्यान से ही ना सुनो- समझो(do more than listen- understand)

असफलता के कारण

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