समूह परामर्श

समूह परामर्श – आधुनिक जीवन में समूह का अधिक महत्व है। व्यक्ति अपने जीवन काल में किसी ना किसी प्रकार के समूह के संपर्क में रहता है। मनोवैज्ञानिक कैंप ने “सामूहिक परामर्श के आधार” नामक पुस्तक में लिखा है – व्यक्तियों को जीवन के सभी क्षेत्रों में अर्थ पूर्ण संबंधों की आवश्यकता होती है।

इन्हीं संबंधों के आधार पर बहुतों को जीवन में उद्देश्य व महत्व से संबंधित ज्ञान प्राप्त होता है। अतः सामूहिक परामर्श में रुचि व संबंधों का प्रयोग अधिक होने लगा है।

समूह परामर्श

समूह परामर्श में समूह को सार्थक अनुभव प्रदान किए जाते हैं जिससे बालक सामूहिक व्यवहार में दक्ष हो सके।

समूह परामर्श एक प्रक्रिया है जिसमें एक परामर्श अब एक ही समय में कई प्रार्थियो के साथ कार्यरत रहता है।

समूह परामर्श व्यक्तिगत परामर्श का वर्णन है जहां सदस्यों के मध्य खुले संप्रेषण को प्रोत्साहित किया जाता है।इसमें ऐसा वातावरण बनाए रखा जाता है जो व्यक्ति को एक दूसरे के विचारों को समझने तथा मूल्यांकन के लिए प्रेरित करता है। किस प्रक्रिया द्वारा नकारात्मक भावनाएं शांत होती हैं।

समूह परामर्श

समूह परामर्श की विशेषताएं

कार्ट, राइट तथा जॉन्डर के अनुसार समूह में व्यक्तियों में निम्न विशेषताएं परिलक्षित होती हैं-

  1. समूह में व्यक्ति पारस्परिक अंत: क्रिया करते हैं।
  2. वे स्वयं को समूह के सदस्य के रूप में परिभाषित करते हैं।
  3. सामान्य रुचि के विषयों पर वह सामान्य मानकों को स्वीकारते हैं।
  4. वे वातावरण के प्रति एक इकाई के रूप में क्रियाशील होते हैं।

गजाजा के अनुसार समूह परामर्श की निम्न तीन विशेषताएं हैं –

  1. यह सचेतन व्यवहार तथा विचारों पर केंद्रित होता है।
  2. इसके अंतर्गत उनमुक्ता, यथार्थ उन्मुक्तता, पारस्परिक विश्वास, आपसी समझ तथा स्वीकृति की भावना पाई जाती है।
  3. इसमें मूल रूप से सामान्य व्यक्तियों का समूह होता है।
समूह परामर्श

समूह परामर्श के उद्देश्य

नॉरिस एवं जेरन के अनुसार समूह निर्देशन के निम्न उद्देश्य हैं-

  1. सामान्य प्रकृति की समस्याओं को ज्ञात करना।
  2. समूह स्थिति के सहयोगी व सहायक मूल्यों को ज्ञात करना।
  3. परामर्श व अन्य निर्देशन सेवाओं की उपलब्धता तथा आवश्यकता हेतु जागरूकता पैदा करना।
  4. विद्यार्थियों को जीवन के विविध सामान्य व विशिष्ट क्रिया पक्षों से अवगत कराना।
  5. विद्यार्थियों को विभिन्न शैक्षिक एवं व्यवसाय तथा सामाजिक क्रिया हेतु उनका वास्तविक मूल्यांकन करने हेतु सहायता देना।
  6. व्यक्तिगत परामर्श के इच्छुक विद्यार्थियों का पता लगाना।
  7. सभी विद्यार्थियों को ज्ञान की नई दिशा दिखाना अर्थात जो बातें हुए विस्मृत कर चुके हैं। उन्हें थोड़ा समय लगा कर सामूहिक ढंग से विद्यार्थियों को पुनः ताजा करना।
  8. किन्हीं विशेष प्रकार की सूचनाओं को समूह में अधिक प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करना।
  9. रचनात्मक अभिवृत्तियों व रुचियों का विकास करना।
  10. समूह के सभी व्यक्तियों के अनुभवों को समूह के प्रत्येक सदस्य के लाभार्थ संकलित करना।
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