बालकृष्ण शर्मा ‘नवीन’

जन्म
8 दिसम्बर 1897
जन्म स्थान
मृत्यू
1960
पिता
माता
सम्मान
शिक्षा - दीक्षा
पद्य साहित्य में योगदान
गद्य साहित्य में योगदान

छायावाद के राष्ट्रीय सांस्कृतिक धारा के कवि पंडित बालकृष्ण शर्मा नवीन का जन्म ग्वालियर के बयाना नामक ग्राम में 8 दिसंबर, 1897 ईस्वी को हुआ था। इनके पिता पंडित यमुना दास शर्मा कृष्णा अनुरागी थे। बालकृष्ण शर्मा की नवीन उपनाम से पहली कविता तारा पंडित महावीर प्रसाद द्विवेदी की पत्रिका सरस्वती में प्रकाशित हुई थी।

नवीन जी की आरंभिक शिक्षा मध्यप्रदेश के शाजापुर स्थान में हुई।वहां से इन्होंने अंग्रेजी से मिडिल परीक्षा उत्तीर्ण की। सन 1917 में हाईस्कूल पास करने के बाद यह कानपुर पहुंचे जहां गणेश शंकर विद्यार्थी ने इन्हें कॉलेज में दाखिला कराया। परंतु सन 1920 ईस्वी में गांधीजी के आवाहन पर कालेज छोड़कर राजनीति में सक्रिय रूप से भाग लेने लगे। स्वतंत्रता संग्राम और साहित्य सृजन नवीन जी के साथ-साथ चलने लगे। अपने कॉलेज से नवीन जी कभी रूप में लोकप्रिय हो चले थे।

स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद ये लोकसभा तथा राज्यसभा के सदस्य रहे। इन्होंने प्रभा और प्रताप नामक पत्र का संपादन किया।पंडित बालकृष्ण शर्मा की रचनाएं इस प्रकार हैं कुमकुम कृति सन 1939 ईस्वी में प्रकाशित हुई। यह नवीन जी की पहली कृति है। उर्मिला काव्य सन 1975 में प्रकाशित हुआ। इसमें कवि ने उर्मिला के चरित्र के माध्यम से भारत के प्राचीन आर्य संस्कृत के उज्जवल रूप को प्रस्तुत करने का प्रयास किया है।

प्राण अर्पण कृति एक खंड काव्य है, जो नवीन के मरणोपरांत प्रकाशित हुआ। इसमें अमर शहीद गणेश शंकर विद्यार्थी के कानपुर में हुए सांप्रदायिक दंगों में बलिदान की गाथा बताई गई है। नवीन जी के अन्य रचनाएं अपलक, रश्मि रेखा, क्वासी, हम विषपाई जन्म के आदि है। इनका देहांत 1960 को नई दिल्ली में हुआ था। नवीन जी का पार्थिव शरीर कानपुर लाया गया था। यहां उनकी अंत्येष्टि हुई थी। नवीन जी का विवाह भी अधिक आयु के बाद कानपुर में हुआ था। नवीन जी की एक पुत्री थी।पंडित बालकृष्ण शर्मा नवीन कानपुर के कवि न थे वरन वे संपूर्ण मानव जगत की कवि भी थे।

  • पंडित बालकृष्ण शर्मा नवीन का जन्म ग्वालियर राज्य के सुजालपुर परगना के अंतर्गत भयाना नामक ग्राम में 1897 ईस्वी को हुआ था।
  • इनके पिता का नाम पंडित यमुनादास शर्मा था।
  • बालकृष्ण शर्मा की नवीन उपनाम से पहली कविता तारा पंडित हजारी प्रसाद द्विवेदी की पत्रिका सरस्वती में प्रकाशित हुई।
  • नवीन जी की प्रारंभिक शिक्षा मध्यप्रदेश के शाजापुर स्थान में हुई थी।
  • माधव विद्यालय उज्जैन से नवीन जी ने हाईस्कूल की परीक्षा पास की।
  • पंडित बालकृष्ण शर्मा नवीन मैट्रिक पास करते ही कानपुर आ गए।
  • गणेश शंकर विद्यार्थी के संपर्क से नवीन जी की लखनऊ में कांग्रेस के अधिवेशन में पंडित माखनलाल चतुर्वेदी, बाबू मैथिलीशरण गुप्त जैसे विशिष्ट व्यक्तियों से भेंट हुई।
  • नवीन जी पढ़ाई छोड़कर असहयोग आंदोलन में कूद पड़े।
  • अपने कॉलेज जीवन से नवीन जी कवि रूप में लोकप्रिय हो चले।
  • नवीन जी ने कविता में राजनीति को सरस बनाकर व्यक्त किया है।
  • उनकी उनकी कविता में राष्ट्रीयता का प्रज्वल भाव विद्यमान है।
  • नवीन जी की पहली कृति कुमकुम है।
  • नवीन जी की अन्य रचनाएं अपलक, रश्मि रेखा, क्वासी, हम विषपाई जनम के आदि हैं।
  • प्राण अर्पण इनका एक खंड काव्य है जो इनके मरणोपरांत प्रकाशित हुआ।
  • इनका देहांत 29 अप्रैल सन 1960 को नई दिल्ली में हुआ था।

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