सामान्य ज्ञान

भारत में प्रथम विश्व में प्रथम
भारत के प्रमुख ऐतिहासिक स्थल विश्व के प्रमुख पुरस्कार/सम्मान
विश्व कप विजेता – क्रिकेट हॉकी फुटबॉल देशों के राष्ट्रीय खेल
राष्ट्रीय कप व ट्राफियां ओलंपिक खेल

हड़प्पा सभ्यता नगर योजना

1922 ईस्वी के पूर्व यही माना जाता रहा कि आर्य सभ्यता ही भारत की प्राचीनतम सभ्यता थी। मगर 1921 में हड़प्पा की खुदाई बाबू दयाराम साहनी और 1922-23 में डॉक्टर आर डी बनर्जी की देखरेख में मोहनजोदड़ो पाकिस्तान में खनन कार्य शुरू हुआ और तो एक आर्यपूर्व सभ्यता प्रकाश में आई। क्योंकि इस सभ्यता के आरंभिक अवशेष सिंधु घाटी नदी से प्राप्त हुई है अतः इसे सिंधु घाटी की सभ्यता का नाम दिया गया परंतु जब बाद में देश के अन्य भागों लोथल, कालीबंगा, रोपण, बनवाली, आलमगीरपुर आदि स्थानों से इस सभ्यता के अवशेष मिले तो विद्वानों ने इसे हड़प्पा सभ्यता का नाम दिया। हड़प्पा सभ्यता नगर योजना इस सभ्यता की महत्वपूर्ण विशेषता यहां की नगर योजना थी। मोहनजोदड़ो और …

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विज्ञान मेले

विज्ञान मेले ज्ञान प्राप्त का ऐसा मंच है जिसमें छात्र शिक्षक माता-पिता व समाज से अन्य व्यक्ति एक साथ मिलकर ज्ञानार्जन कर सकते हैं। इन के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी उपलब्धियों को प्रदर्शित करने का शुभ अवसर प्राप्त होता है। इन मेलों में कई विद्यालयों के छात्र एक साथ मिलकर विभिन्न प्रतियोगिताओं कार्यक्रमों में भाग लेते हैं इससे आपस में परस्पर विचारों के आदान-प्रदान से ज्ञान में भी वृद्धि होती है। इन मेलों का आयोजन एनसीईआरटी व राज्य सरकारों के अतिरिक्त कई अन्य संस्थाएं भी करती हैं। विज्ञान मेला छात्रों के प्रदर्शन हेतु वस्तुओं का संग्रह कहलाता है। शिक्षा शब्दकोश के अनुसार इसमें प्रत्येक वर्ष की जैविक राजधानी घोषित हुआ सपने सिद्धांत प्रयोगशाला विधि और विकास के लिए कुछ …

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प्रयोगशाला विधि

विज्ञान के सभी विषय इस प्रकार के हैं कि उनके लिए प्रयोगशाला का होना आवश्यक है। उदाहरण के तौर पर भौतिक शास्त्र, रसायन शास्त्र, जीव विज्ञान, भू विज्ञान आदि। इन विषयों की वास्तविक शिक्षा के लिए प्रयोगशाला के द्वारा सही ज्ञान बालक को मिलता है। प्रयोगशाला में विद्यार्थी स्वयं प्रयोग करता है। उसे निरीक्षण करने का सुअवसर मिलता है तथा अपने ही प्रयासों से परिणाम निकालने की कोशिश करता है। प्रयोगशाला में अध्यापक उसके कार्य का निरीक्षण करते हैं और विद्यार्थी लिखित कार्य भी करते हैं। इसीलिए आजकल की शिक्षा प्रणाली में विज्ञान अनिवार्य है और विज्ञान कक्षाओं के लिए हर विद्यालय में प्रयोगशाला का होना भी आवश्यक है। इन प्रयोगशालाओं में विज्ञान संबंधी सा सामान उपकरण तथा रासायनिक पदार्थ …

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इकाई योजना

इकाई योजना का सर्वप्रथम विकास एच सी मॉरीसन ने किया यह प्रविधि गेस्टाल्ट मनोविज्ञान के सिद्धांतों पर आधारित मानी जाती है। इकाई योजना बीसवीं शताब्दी की देन है। सन 1920 से 1935 के मध्य इसके अनेक रूप सामने आए किंतु इसका व्यापक प्रयोग 1929 के बाद ही शुरू हुआ। इस योजना का विकास ऐसी मारी सन ने किया परंतु इकाई शब्द को लाने का श्रेय हरबर्ट महोदय का है। साधारण अर्थ में दैनिक पाठों के योग को ही इकाई के नाम से जाना जाता है। जिस प्रकार दैनिक योजना में एक शीर्षक पद्धति के लिए 35 मिनट के कलांश हेतु पाठ योजना निर्मित करते हैं उसी प्रकार पूरे अध्याय की एक योजना बनाई जाती है जिसमें यह इंगित किया जाता …

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अभिक्रमित शिक्षण

अभिक्रमित शिक्षण अंग्रेजी के Programmed Teaching का हिंदी रूपांतरण है यह दो शब्दों के योग से बना है Programmed + Teaching, इसमें Programmed का अर्थ है अभिक्रमित या योजनाबद्ध या क्रमबद्ध और टीचिंग का अर्थ है शिक्षण या शिक्षण द्वारा बताई गई जिससे इस प्रकार अभिक्रमित शिक्षण का अर्थ है क्रमबद्ध या योजनाबद्ध शिक्षण। इसमें पढ़ाई जाने वाली विषय वस्तु को अनेक छोटे छोटे एवं नियोजित खंडों में विद्यार्थियों के सामने प्रस्तुत किया जाता है, जिससे कि विद्यार्थी स्वयं प्रयास करके अपनी गति से ज्ञान अर्जन करता हुआ आगे बढ़ता है। इससे छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ता है अभिक्रमित शिक्षण की परिभाषाएं निम्न है – अभिक्रमित शिक्षण सीधी जाने वाली सामग्री को इस प्रकार से प्रस्तुत करने को व्यक्त करता है …

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टोली शिक्षण अर्थ विशेषताएं उद्देश्य लाभ

भारतीय परंपरागत शिक्षा प्रणाली की तुलना में यह एक नया प्रत्यय है। ऐसे प्रविधि में दो या दो से अधिक शिक्षक मिलकर समूह में पाठ योजना तथा शिक्षण उद्देश्यों को तय करते हैं। सामूहिक रूप से ही विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान की जाती है। सभी शिक्षक सामूहिक रूप से मिलकर किसी विशिष्ट प्रकरण की जिम्मेदारी लेते हैं। ऐसे में शिक्षण विधियों की योजना तथा उनके क्रियान्वयन की प्रक्रिया लचीली रखी जाती है ताकि छात्रों की योग्यता एवं रूचि के अनुसार योजना में परिवर्तन किया जा सके। ऐसे में सभी प्रकार के शिक्षक मिलकर कार्य करते हैं इसीलिए सभी शिक्षकों की अपनी-अपनी प्रमुख विशेषताओं का छात्रों को इकट्ठा लाभ प्राप्त होता है। इसके द्वारा शिक्षण कार्य को अधिक प्रभावी बनाया जा …

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पाठ्य पुस्तक विधि

पाठ्य पुस्तक विधि – यह विधि हमारे देश में शिक्षा के लिए प्राचीन काल से चली आ रही है। इस विधि में अध्यापक छात्रों को प्रार्थी क्रम से संबंधित पाठ्य वस्तु को पढ़ाता है तथा उसके आधार पर गृह कार्य करने को देता है जिसको छात्र पाठ्यपुस्तक के आधार पर तैयार करते हैं। इस विधि का प्रयोग जूनियर और माध्यमिक स्तर के छात्रों के लिए अधिक लाभकारी पाया जाता है। कुछ विद्वानों का मत है कि पाठ्य पुस्तक को शिक्षण विधि के स्थान पर शिक्षण की सहायक सामग्री के रूप में प्रयोग करना चाहिए। पाठ्य पुस्तक विधि के गुण इस विधि के प्रमुख गुण निम्न हैं- यदि पाठ्य पुस्तकों को सीखे गए ज्ञान की पूर्ति के लिए उपयोग में लाया …

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परियोजना व ह्यूरिस्टिक विधि में अन्तर

शिक्षण के क्षेत्र में परियोजना विधि तथा ह्यूरिस्टिक विधि दोनों का ही महत्वपूर्ण स्थान है उनके उपयोग आज भी प्रासंगिक हैं उसके दोनों विधियों में प्रमुख अंतर निम्न है- क्रम संख्या परियोजना विधि ह्यूरिस्टिक विधि 1 परियोजना विधि का अविष्कार अमेरिकी शिक्षाशास्त्री सर विलियम किलपैट्रिक द्वारा किया गया। ह्यूरिस्टिक विधि का आविष्कार प्रोफेसर एच. ई. आर्मस्ट्रांग के द्वारा किया गया। 2 यह विधि पूर्णत: मनोवैज्ञानिक विधि है। यह विधि पूर्णता तथ्यों पर आधारित विधि है। 3 इस विधि में आंकड़ों का एकत्रीकरण किसी समस्या को केंद्रित करते हुए सामुदायिक रूप से किया जाता है। ह्यूरिस्टिक विधि में आंकड़ों का एकत्रीकरण किसी समस्या समाधान के लिए व्यक्तिगत रूप से किया जाता है। 4 यह विधि सहचर्य एवं सहयोग के सिद्धांत पर …

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प्रयोगशाला विधि

विज्ञान विषयों की वास्तविक शिक्षा के लिए प्रयोगशाला के द्वारा बालकों को सही सरल तथा बोधगम्य तरीके से ज्ञान की प्राप्ति होती है। प्रयोगशाला में विद्यार्थी स्वयं प्रयोग करके सीखता है उसे निरीक्षण का अवसर प्राप्त होता है तथा अपने ही प्रयासों से परिणाम निकालने की कोशिश करता है इससे उसकी त्रुटियां भी तत्काल ही दूर हो जाती है। इस प्रकार प्रयोगशाला विधि अनुदेशन आत्मक प्रक्रिया होती है जिसके द्वारा किसी घटना के कारण प्रभाव प्रकृति अथवा गुड चाहे सामाजिक मनोवैज्ञानिक अथवा भौतिक को वास्तविक अनुभव अथवा प्रयोग द्वारा नियंत्रित दशाओं में सुनिश्चित किए जाते हैं। उदाहरण– किसी पहाड़ की चोटी की ऊंचाई ज्ञात करना, छात्रों द्वारा छोड़े गए रास्तों की गति ज्ञात करना, नदी को बिना पार किए उसकी …

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विज्ञान शिक्षण की ह्यूरिस्टिक विधि

ह्यूरिस्टिक विधि के साथ-साथ इसे अन्वेषण विधि भी कहा जाता है। इस विधि की उत्पत्ति ग्रीक भाषा के शब्द ह्यूरिस्को से हुई है जिसका अर्थ है मुझे खोजना है। अतः ह्यूरिस्टिक विधि में विद्यार्थी मानसिक एवं शारीरिक रूप से सक्रिय रहते हुए ज्ञान की खोज करते हैं। शिक्षण की इस विधि में अध्यापक छात्रों के सम्मुख विषय से संबंधित समस्याएं उत्पन्न करते हैं तथा छात्र आपस में मिलकर समस्याओं का निरीक्षण एवं चिंतन करते हुए समाधान खोजते हैं। इस विधि में छात्रों को कम से कम बता कर उन्हें स्वयं अधिक से अधिक जानने के लिए प्रेरित किया जाता है। शिक्षक सिर्फ छात्रों के लिए मार्गदर्शन का कार्य करता है। ह्यूरिस्टिक विधि के चरण इस विधि के विभिन्न शिक्षण चरणों …

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परियोजना विधि

योजना विधि का आविष्कार सर्वप्रथम अमेरिकी शिक्षा शास्त्री सर विलियम किलपैट्रिक द्वारा किया गया था। यह विधि प्रयोजनवाद की विचारधारा पर आधारित है। ऐसे में आंकड़ों का एकत्रीकरण किसी समस्या को केंद्रित करते हुए सामुदायिक रूप से किया जाता है। इस विधि में सबसे पहले समस्या का चुनाव किया जाता है फिर चरणबद्ध तरीके से कई छात्र सामुदायिक रूप से तथ्यों की खोज करते हैं तथा उनके निष्कर्ष को एक प्रोजेक्ट के रूप में प्रस्तुत करते हैं। यह विधि साहचर्य और सहयोग के सिद्धांत पर कार्य करती है। इस प्रकार योजना सुरक्षा पर आधारित रचनात्मक कार्य करने की ओर प्रेरित होती है। यह विज्ञान के छात्रों के अतिरिक्त अन्य विषयों के छात्रों के लिए भी समान रूप से उपयोगी हैं। …

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मध्यकालीन भारत के वंश और उनके शासक

हर्यक वंश (544 से 412 ई पूर्व) बिंबिसार हर्यक वंश का प्रथम शक्तिशाली शासक था इनकी राजधानी गिरिव्रज थी। बिंबिसार के पुत्र अजातशत्रु ने उसकी हत्या कर सिंहासन प्राप्त किया। अजातशत्रु बौद्ध धर्म का अनुयाई था एवं उसकी राजधानी राजगीर में प्रथम बौद्ध संगीति हुई। पाटलिपुत्र की स्थापना का श्रेय उदायिन को जाता है। नंद वंश (344 से 322 ई पूर्व) इस वंश का संस्थापक महापद्मनंद को माना जाता है। नंद वंश का अंतिम शासक धनानंद था इसी के शासनकाल में सिकंदर ने भारत पर आक्रमण किया। सिकंदर मकदूनिया के शासक फिलिप का पुत्र था जिसने 326 ईसा पूर्व में भारत पर आक्रमण किया। पंजाब के राजा पोरस ने सिकंदर के साथ झेलम नदी के किनारे हाइडेस्पीज का युद्ध लड़ा …

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विज्ञान शिक्षण

शिक्षण उद्देश्यों की सफलता को उच्चतम ऊंचाई तक पहुंचाने में शिक्षण विधियों का महत्वपूर्ण योगदान है। शिक्षण कार्य की आधी सफलता शिक्षण विधियों में निहित है। समुचित शिक्षण विधियों के बिना शिक्षण उद्देश्यों की सफलता प्राप्ति उसी प्रकार है जिस प्रकार बिना पंख का पक्षी। शिक्षण विधि की सफलता शिक्षक विद्यार्थी तथा पाठ्यवस्तु पर निर्भर करती है। छात्र को सीखने के लिए शिक्षक का ज्ञान उतना महत्वपूर्ण नहीं है जितनी कि शिक्षक द्वारा प्रयुक्त शिक्षण विधि। यदि कोई शिक्षक पाठ्यवस्तु के ज्ञान के रूप में विद्वता हासिल किए हुए हैं तो यह आवश्यक नहीं है कि छात्र भी शिक्षक के ज्ञान से उतने ही लाभान्वित हो। क्योंकि यदि शिक्षक ने छात्रों के अनुरूप शिक्षण विधि का प्रयोग नहीं किया है …

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निगमनात्मक विधि

निगमनात्मक विधि भौतिक विज्ञान के शिक्षण की मुख्य विधि है। इसका उपयोग भौतिक विज्ञान के शिक्षण में विशेष रूप से होता है क्योंकि इनमें विविध प्रकार के नियमों, सूत्रों एवं नियमों पर प्रयोग करके विषय का ज्ञान प्राप्त कराया जाता है। इसे निम्न प्रकार परिभाषित किया जा सकता है निगमनात्मक विधि शिक्षण अध्ययन व तर्क की विधि कहलाती है। जिसमें छात्र सामान्य सिद्धांत के विशिष्ट अनुप्रयोग की ओर अग्रसर होते हैं और निष्कर्षों के लिए वैधता प्रदर्शित होती है। शिक्षा शब्दकोश के अनुसार निगमनात्मक शिक्षण में सर्वप्रथम परिभाषा या नियम का सीखना सुनिश्चित किया जाता है फिर सावधानीपूर्वक उसका अर्थ स्पष्ट किया जाता है और तथ्यों के प्रभाव से उसे पूर्ण रूप से स्पष्ट किया जाता है। निगमनात्मक विधि के …

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आगमनात्मक विधि

आगमन आत्मक विधि भौतिक विज्ञान ओके शिक्षण में प्रयोग होने वाली प्रमुख विधि है। इस विधि का प्रयोग भौतिकी एवं रसायन विज्ञान में विशेष रूप से होता है। आगमन आत्मक विधि एक सिद्धांत के अंतर्गत आने वाले निश्चित नियम एवं तथ्य पर पहुंचने में उसे समर्थ बनाने हेतु विशेष उदाहरणों की पर्याप्त मात्रा में छात्र हेतु प्रस्तुतीकरण पर आधारित शिक्षण की एक विधि है। शिक्षा शब्दकोश के अनुसार जब कभी हम बालकों के समक्ष बहुत से तथ्य उदाहरण तथा वस्तुएं प्रस्तुत करते हैं और फिर उनसे अपने स्वयं के निष्कर्ष निकलवाने का प्रयत्न करते हैं तब हम शिक्षण की आगमन विधि का प्रयोग करते हैं। आगमनात्मक विधि के गुण आगमनात्मक विधि के गुण निम्न है- यह विधि भौगोलिक समस्याओं की …

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विज्ञान शिक्षण में प्रतिमान का महत्व

विज्ञान शिक्षण में प्रतिमान के निम्न महत्व होते हैं। शिक्षा के सभी उद्देश्यों की प्राप्ति हेतु इनका अधिक महत्व है। शिक्षण प्रतिमानों द्वारा शिक्षक प्रशिक्षण को प्रभावपूर्ण बनाया जा सकता है। विद्यालयों की शिक्षण व्यवस्था एवं उसके उद्देश्यों की रूपरेखा तैयार करने में सहायक होते हैं। भारतीय परिस्थितियों में कक्षा शिक्षण की समस्याओं में सुधार लाने में सहायक है। शिक्षक प्रतिमान शिक्षण की मूल्यांकन प्रणाली को नवीनतम रूप देता है। विभिन्न विषयों के शिक्षण प्रतिमानों के प्रयोग का विशेष महत्व होता है। इसके प्रयोग से शिक्षण में विशिष्टीकरण संभव है। शिक्षण प्रक्रिया को प्रभावशाली और सार्थक बनाने में गतिमान सहायक होता है। शिक्षक के बारे में गुणात्मक सुधार लाने में प्रतिमान सहायक होते हैं। शिक्षण प्रतिमान शिक्षक को मनोवैज्ञानिक एवं …

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वैज्ञानिक पूछताछ प्रतिमान

यह प्रतिमान वैज्ञानिक विधि पर आधारित है जो विद्यार्थियों को उसके विद्वता पूर्ण पूछताछ के लिए प्रशिक्षित करता है। इसमें विद्यार्थियों को पूछताछ की पूर्ण स्वतंत्रता प्रदान की जाती है, जिससे वे अनुशासित ढंग से प्रश्न पूछने के लिए प्रेरित होते हैं। इस प्रकार की पूछताछ से विद्यार्थी विषय संबंधी नए आयामों की खोज करते हैं जिससे विद्यार्थियों को संतुष्टि होती है और इससे इनकी जिज्ञासा में आनंद का अनुभव करते हैं। प्रतिमान के प्रमुख तत्व इस प्रतिमान के प्रमुख तत्व निम्नलिखित हैं – लक्ष्य संरचना सामाजिक प्रणाली सहायक प्रणाली उपयोग लक्ष्य इस प्रतिमान का लक्ष्य छात्रों में खोज एवं आंकड़े के विश्लेषण में दक्षता एवं कौशल विकसित होता है। जिससे वे स्वयं घटनाओं की व्याख्या कर सके तथा उनमें …

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विकासात्मक शिक्षण प्रतिमान

इस प्रतिमान का प्रतिपादन जीन पियाजे ने बालकों के संज्ञात्मक वृद्धि के लिए विकास क्रम के अध्ययन के आधार पर किया गया। इसमें छात्रों की मानसिक क्षमता तथा तार्किक चिंतन की क्षमताओं के विकास पर महत्व दिया जाता है। इस कारण छात्रों में इस प्रतिमान से सामाजिक योग्यताओं व ज्ञानात्मक वृद्धि का विकास होता है। इस विकास में शिक्षक इनकी सहायता करता है। विकासात्मक शिक्षण प्रतिमान के प्रमुख तत्व इस प्रतिमान के प्रमुख तत्व निम्न है। केंद्र बिंदु संरचना सामाजिक व्यवस्था सहायक व्यवस्था उपयोग केंद्र बिंदु इस प्रतिमान का मुख्य केंद्र बिंदु छात्रों की सामान्य मानसिक योग्यताओं का विकास करना होता है। संरचना इस प्रतिमान में दो अवस्थाएं निम्न है- इसमें अध्यापक कक्षा में ऐसा वातावरण प्रस्तुत करते हैं जिसमें …

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शिक्षण प्रतिमान के मौलिक तत्व

शिक्षण प्रतिमान के मुख्य पांच तत्व होते हैं जो निम्न प्रकार हैं- उद्देश्य संरचना सामाजिक प्रणाली मूल्यांकन प्रणाली प्रयोग उद्देश्य प्रत्येक प्रतिमान का अपना उद्देश्य होता है जिसे उसका लक्ष्य बिंदु कहते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रतिमान को विकसित किया जाता है। संरचना शिक्षण प्रतिमान की संरचना का अर्थ उसकी संरचना तथा नियमों से है। अतः शिक्षण प्रतिमान की संरचना के अंतर्गत उसके उद्देश्यों के आधार पर शिक्षण पक्षों तथा उनकी क्रियाओं विधियों युक्तियों तथा शिक्षक व छात्रों की अंतः क्रियाओं को क्रमबद्ध रूप प्रदान किया जाता है। जिससे सीखने की उपयुक्त परिस्थितियां उत्पन्न की जा सके ताकि प्रतिमान के लक्ष्य को सरलता से प्राप्त किया जा सके। सामाजिक व्यवस्था शिक्षण एक सामाजिक कार्य है अतः सामाजिक …

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शिक्षण प्रतिमान

शिक्षण प्रतिमान आंगला भाषा की टीचिंग मॉडल का पर्यायवाची है। किसी रूप रेखा अथवा उद्देश्य के अनुसार व्यवहार को डालने की प्रक्रिया प्रतिमान कहलाती है। इस प्रकार प्रतिमान का अर्थ किसी अमुक उद्देश्य के अनुसार व्यवहार में परिवर्तन लाने की प्रक्रिया है। शिक्षण के प्रत्येक प्रतिमान में शिक्षण की विशिष्ट रूप रेखा का विवरण होता है। जिसके सिद्धांतों की पुष्टि प्राप्त किए हुए निष्कर्षों पर आधारित होती है। इस प्रकार शिक्षण प्रतिमान शिक्षण सिद्धांत के लिए उपकल्पना का कार्य करते हैं। इन्ही उपकल्पनाओं की जांच के पश्चात सिद्धांतों को प्रतिपादित किया जाता है। शिक्षण प्रतिमान वह विस्तृत रूपरेखा है जिसमें उसके पाठ्यक्रम स्रोत शिक्षण तथा अधिगम को प्रभावशाली ढंग से वर्णित किया जाता है। अतः शिक्षण प्रतिमान में उसके पाठ्यक्रम …

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विज्ञान की प्रकृति

मनुष्य सदा से सृष्टि के पीछे छिपे सत्य की खोज में रहा है। उसे प्रकृति की बनावट, उसकी कार्यशैली तथा उसके मूल सिद्धांतों को जानने की तीव्र इच्छा रहती है। प्रकृति के कार्यों के नियमों को समझे बिना प्रकृत की शक्तियों को अपने सुख के लिए प्रयोग से लाना असंभव था। प्रकृति के नियमों के प्रतिकूल कार्य करने में कहीं संपूर्ण जीवन नष्ट ना हो जाए। विज्ञान प्रत्येक तत्व का विश्लेषण करके प्रकृति के प्रत्येक भाग को बारीकी से समझने का प्रयत्न करता है। सृष्टि में बहुत से तथ्य बहुत जटिल है, इसलिए यदि उनका विश्लेषण करके उन्हें छोटे-छोटे भागों में बांट दिया जाए और फिर समझा जाए तो समझना आसान हो जाता है। उदाहरण – चुंबकीय आकर्षण किस पर …

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विज्ञान अर्थ परिभाषा

विज्ञान शब्द की उत्पत्ति लेटिन भाषा की क्रिया Seire (जानना) और संज्ञा Scientia (ज्ञान) से हुई है। विज्ञान की प्राप्ति सुव्यवस्थित एवं क्रमबद्ध ज्ञान व अनुभव पर आधारित अन्वेषणों के फल स्वरुप होती है। अर्जित ज्ञान या अर्जित किए जाने वाले ज्ञान की एक विशिष्ट पहचान एवं विशेषता होती है। यह ज्ञान सामान्य विषयों के ज्ञान से कुछ अलग होता है। विज्ञान में किसी भी समस्या के समाधान के लिए एक विशिष्ट प्रक्रिया पर बल दिया जाता है। यह विशिष्ट प्रक्रिया ही ज्ञान प्राप्त करने की वैज्ञानिक विधि है तथा इस विशिष्ट प्रक्रिया के द्वारा अर्जित ज्ञान को विज्ञान कहते हैं। वैज्ञानिक विधि के अंतर्गत ज्ञानार्जन के लिए या समस्या समाधान के लिए किसी समस्या की आवश्यकता होती है, जब …

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व्यायाम के लाभ

व्यायाम के लाभ मानव जीवन में स्वस्थ शरीर का महत्त्व : किसी ने ठीक ही कहा है ‘पहला सुख नीरोगी काया, जिसका आशय है कि वही व्यक्ति सुखी है जिसका शरीर पूरी तरह से स्वस्थ तथा नीरोगी है । मानव जीवन में शारीरिक स्वास्थ्य का बहुत महत्त्व है । इस संसार में अनेक प्रकार के सुखों का भोग तथा कर्तव्यों की पूर्ति केवल स्वस्थ व्यक्ति ही कर पाता है । अस्वस्थ तथा रोगी मनुष्य न तो अपना कुछ हित कर सकता है तथा न ही देश और समाज के लिए कुछ कर पाता है क्योंकि स्वस्थ शरीर ही हमारी सभी प्रकार की साधनाओं का माध्यम है। स्वास्थ्य लाभ के साधन अच्छे स्वास्थ्य की प्राप्ति के लिए खेलना – कूदना , …

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कबड्डी भारत का प्राचीन खेल

‘कबड्डी ‘ भारत का प्राचीन खेल है , जो आज भी लोगो मे अत्यंत लोकप्रिय है । यद्यपि आज अनेक प्रकार के खेल प्रचलित हैं जैसे – फुटबाल , हॉकी , वालीबॉल , टेबिल टेनिस , लॉन टेनिस , बेडमिंटन आदि । यद्यपि भारत में आज क्रिकेट का बोलबाला है । कभी समय था जब हॉकी को भारत का राष्ट्रीय खेल माना जाता था , पर आज सभी क्रिकेट के दीवाने हैं । पर मेरी दृष्टि से कबड्डी क्रिकेट से कहीं सरल तथा उपयोगी खेल है । सरल एवं उपयोगी खेल ; कबड्डी का खेल अत्यंत सरल , सस्ता तथा उपयोगी है । इसे खेलने के लिए लंबे , चौड़े मैदान तथा सामान की आवश्यकता नहीं पड़ती । इसे खेलना …

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त्याग की मूर्ति श्रीमती सोनिया गांधी

संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गाँधी भारत के भूतपूर्व प्रधानमंत्री श्री राजीव गाँधी की धर्मपत्नी है । 21 मई 1991 को राजीव गांधी की अचानक मौत के बाद सभी की निगाहें सोनिया गाँधी पर टिक गई थीं । वे राजनीति में नहीं आई । अपने बच्चों का लालन – पालन किया किंतु कुछ सालों के बाद पूरे भारत की जनता सोनिया जी की ओर इस आशा से देख रही थी कि आगे बढ़ें और काँग्रेस का नेतृत्व करें । देश की खातिर सोनिया जी ने साहस बटोरा और गमगीन वातावरण को छोड़कर बाहर आईं । कांग्रेस का अध्यक्ष पद स्वीकार किया । वे जन्म से विदेशी थी किंतु भारतीय संस्कारों को उन्होंने इस प्रकार रचा – बसा लिया …

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महँगाई की समस्या

भारत की आर्थिक समस्याओं के अंतर्गत महँगाई की समस्या बहुत विकराल समस्या है । वस्तुओं के मूल्य इतनी तेजी से बढ़ रहे हैं कि आम आदमी को जीवनयापन करना दूभर हो गया है । बढ़ती महँगाई का चित्रण काका हाथरसी ने इन पंक्तियों में किया है वे दिन आते याद जेब में पैसे रखकर , सौदा लाते थे बाजार से थैला भरकर । धक्का मारा युग ने मुद्रा की क्रेडिट में , थैले में रुपए हैं , सौदा है पाकिट में ।। महँगाई के कारण मूल्य वृद्धि के अनेक कारण हैं जिनमें जनसंख्या की वृद्धि , कृषि उत्पादन, व्यय में वृद्धि, उत्पादकों तथा व्यापारियों की अधिक लाभ कमाने की प्रवृत्ति , मुद्रा – प्रसार एवं स्फीति , देश में बढ़ता …

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Balance of Payments, महँगाई

राष्ट्रभाषा हिंदी

राष्ट्रभाषा हिंदी – इस संसार के केवल मनुष्य को ही वाणी का वरदान प्राप्त है। इसके माध्यम से वह अपने मन के विचार तथा भावनाओं को बोलकर या लिखकर व्यक्त कर सकता है तथा दूसरों के विचारों को सुनकर या पढ़कर समझ सकता है। विचारों की यह अभिव्यक्ति भाषा के माध्यम से होती है । साहित्य , कला , ज्ञान – विज्ञान , दर्शन आदि सभी का आधार भाषा ही है। राष्ट्रभाषा हिंदी का अर्थ एवं आवश्यकता किसी भी स्वतंत्र देश के कुछ राष्ट्रीय चिह्न या प्रतीक होते हैं जिनमें उसकी राष्ट्र भाषा भी होती है । किसी भी देश में सबसे अधिक बोली तथा समझी जाने वाली भाषा ही वहाँ की राष्ट्र भाषा होती है । प्रत्येक राष्ट्र का …

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राष्ट्रभाषा हिंदी

समाचार पत्रों की उपयोगिता

समाचार पत्र या अख़बार, समाचारो पर आधारित एक प्रकाशन है, जिसमें मुख्यत: सामयिक घटनायें, राजनीति, खेल-कूद, व्यक्तित्व, विज्ञापन इत्यादि जानकारियां सस्ते कागज पर छपी होती है। … समाचारपत्र प्रायः दैनिक होते हैं लेकिन कुछ समाचार पत्र साप्ताहिक, पाक्षिक, मासिक एवं छमाही भी होतें हैं। समाचार किसी अनोखी या असाधारण घटना की अविलंब सूचना को कहते हैं, जिसके बारे में लोग प्रायः पहले कुछ न जानते हों, लेकिन जिसे तुरंत ही जाने की अधिक से अधिक लोगों की रुचि हो ।” समाचार पत्र परिभाषा समाचार क्या है ? इसे एक उदाहरण से समझिए किसी कुत्ते ने किसी व्यक्ति को काटा तो कोई विशेष बात नहीं हुई, प्रायः ऐसा होता ही रहता है, लेकिन किसी व्यक्ति ने किसी कुत्ते को काट खाया हो तो यह समाचार बन जाता …

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ओलंपिक खेल

सर्वप्रथम ओलंपिक खेल 776 ई. पूर्व हुए थे। ओलंपिक खेल गिरी के देवता ज्यूस के सम्मान में हुए थे। सर्वप्रथम ओलंपिक खेल यूनान के ओलंपिया में हुए थे। आधुनिक ओलंपिक खेलों का शुभारंभ 1896 ईसवी में हुआ था। आधुनिक ओलंपिक खेलों का आयोजन हर 4 वर्ष बाद होता है। जिसका शुभारंभ एथेंस से हुआ था। ओलंपिक खेलों का आदर्श वाक्य सीटियस, अल्टियस, कोर्टियस। जिसका अर्थ है तेज, ऊंचा और बलवान। ओलंपिक खेल ओलंपिक खेलों का आयोजन अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति करती है। ओलंपिक खेल का जन्मदाता बैरोन पियरे डि कुबर्टिन को माना जाता है। ओलंपिक ध्वज का विधिवत उद्घाटन 1914 पेरिस में हुआ था। ओलंपिक में महिलाओं की भागीदारी सन उन्नीस सौ से प्रारंभ हुई। 1916 1940 1944 में ओलंपिक खेलों …

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ओलंपिक खेल

राष्ट्रीय कप व ट्राफियां

हॉकी से संबंधित कप व ट्राफियां बेटन कप रंगास्वामी कप आगा खां कप बेगम रसूल ट्रॉफी (महिला) महाराजा रणजीत सिंह गोल्ड कप लेडी रतन टाटा ट्रॉफी गुरुनानक चैंपियनशिप (महिला) ध्यानचंद ट्रॉफी नेहरू ट्रॉफी सिंधिया गोल्ड कप इंदिरा गांधी गोल्ड कप वेलिंगटन कप मुरुगप्पा गोल्ड कप रिने फ्रॉक ट्रॉफी फुटबॉल से संबंधित कप व ट्राफियां डीसीएम ट्रॉफी डूरंड कप रोवर्स कप बी सी राय ट्रॉफी संतोष ट्रॉफी आईएस ए ट्रॉफी सुब्रतो मुखर्जी कप आशुतोष मुखर्जी ट्रॉफी फनफेडरेशन कप क्रिकेट से संबंधित कप व ट्राफियां रणजी ट्रॉफी ईरानी ट्रॉफी दिलीप ट्रॉफी सीके नायडू ट्रॉफी रानी झांसी ट्रॉफी देवधर ट्रॉफी जीडी बिरला ट्रॉफी रोहिंटन बारिया ट्रॉफी मोइनुद्दौला गोल्ड कप टेबल टेनिस से संबंधित कप व ट्राफियां बर्नाबेलेक कप (पुरुष) जयलक्ष्मी कप (महिला) राजकुमारी …

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