सामान्य ज्ञान

भारत का भूगोल

यहां स्नातक स्तर पर निर्धारित भारत का भूगोल प्रश्न पत्र की चर्चा की गई है। कुछ विश्वविद्यालयों में यह प्रश्न पत्र प्रथम वर्ष में होता है तथा कई जगह पर यह द्वितीय वर्ष में पूछा जाता है। कई विद्यालयों में भारत का भूगोल प्रश्न पत्र बहुविकल्पीय होता है। तो कई जगह पर इस प्रश्न पत्र में प्रश्नों के उत्तर लिखने होते है। यह कोर्स दोनों ही प्रकार के लोगो के लिए फायदेमंद है। भारत का भूगोल भूगोल विषय से आप परिचित है होंगे। भूगोल विषय की मुख्यता 3 शाखाएं है। भौतिक भूगोल मानव भूगोल आर्थिक भूगोल यहां भारत के भूगोल में सिर्फ भारत के बारे में ही पढ़ना है। भारत का भौतिक भूगोल भारत का मानव भूगोल भारत का आर्थिक …

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भारत का भूगोल

भारत के प्रधानमंत्री

ब्रिटिश संविधान में प्रधानमंत्री का पद परंपरा पर आधारित है, परंतु भारत के प्रधानमंत्री के पद को संविधान द्वारा मान्यता प्रदान की गई है। भारतीय प्रशासन में प्रधानमंत्री को बहुत महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है।भारतीय संविधान में कार्यपालिका शक्ति राष्ट्रपति में निहित करते हुए कहा गया है कि राष्ट्रपति अपनी समस्त शक्तियों का प्रयोग मंत्रिपरिषद के परामर्श से करता है। इस प्रकार व्यवहार में सभी कार्यपालिका शक्तियों का उपभोग मंत्रिपरिषद के माध्यम से प्रधानमंत्री ही करता है। वह सत्ताधारी दल का नेता होता है तथा सरकार का प्रमुख होता है। भारत के प्रधानमंत्री प्रथम प्रधानमंत्री- जवाहरलाल नेहरू प्रथम महिला प्रधानमंत्री- श्रीमती इंदिरा गांधी प्रथम गैर कांग्रेसी प्रधानमंत्री- श्री मोरारजी देसाई लोकसभा का सामना न करने वाले प्रधानमंत्री- चौधरी चरण सिंह अविश्वास …

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राज्यसभा की रचना (संगठन)

राज्यसभा संसद का द्वितीय और उच्च सदन है। राज्यसभा की रचना संघीय शासन व्यवस्था के सिद्धांत के अनुसार किया गया है। इस सदन को लोकसभा की तुलना में कम शक्तियां प्राप्त है, परंतु फिर भी इसे सदन का अपना महत्व है। राज्यसभा की रचना (संगठन) राज्यसभा के संगठन से संबंधित विवरण निम्न वत है- सदस्य संख्या- संविधान के अनुच्छेद 80 द्वारा राज्य सभा के सदस्यों की अधिकतम संख्या 250 निश्चित की गई है जिनमें से 238 सदस्यों को भारतीय संघ के इकाई राज्यों एवं संघ शासित क्षेत्र से निर्वाचित होने और शेष 12 सदस्यों को राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत किए जाने की व्यवस्था की है। सदस्यों की योग्यताएं- राज्यसभा की सदस्यता के उम्मीदवार के लिए संविधान के अनुच्छेद 102 के द्वारा …

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राज्यसभा की रचना (संगठन)

लोकसभा रचना संगठन कार्य

लोकसभा रचना संगठन कार्य – लोकसभा संसद का प्रथम और लोकप्रिय तथा जनता प्रतिनिधित्व करने वाला सदन है। इसे निम्न सदन भी कहा जाता है। यह सदन संसद के दूसरे सदन राज्यसभा से अधिक शक्तिशाली है। लोकसभा रचना लोकसभा रचना संगठन में निम्न अंग है- लोकसभा सदस्य संख्या लोकसभा सदस्यों का निर्वाचन लोकसभा सदस्यों की योग्यताएं लोकसभा सदस्यों का कार्यकाल लोकसभा पदाधिकारी लोकसभा रचना में सदस्य संख्या मूल संविधान में लोकसभा की सदस्य संख्या 500 निश्चित की गई थी। परंतु समय-समय पर संविधान संशोधनों द्वारा इस संख्या में वृद्धि की जाती रही है। 31 वें संविधान संशोधन द्वारा लोकसभा की सदस्य संख्या 552 कर दी गई है। इसमें 530 सदस्य भारतीय संघ के राज्य तथा 20 सदस्य संघ राज्य क्षेत्रों …

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Sarkari Focus

भारत का राष्ट्रपति

भारत का राष्ट्रपति – भारतीय संविधान के अनुच्छेद 52 के अनुसार भारत का एक राष्ट्रपति होगा। भारत द्वारा अपनाई गई संसदीय शासन प्रणाली में एक सरकार के समाप्त होने पर दूसरी सरकार बनने में कुछ समय लगता है। इस अंतराल के लिए कार्यपालिका के संवैधानिक प्रधान के रूप में राष्ट्रपति का पद अनिवार्य है। इस प्रकार राष्ट्रपति हमारे देश की शासन व्यवस्था का एक अनिवार्य अंग है। संघीय सरकार के समस्त कार्य राष्ट्रपति के नाम से ही संपादित होते हैं। वास्तव में वह देश के शासन का संचालन नहीं करता, उसे जो शक्तियां प्राप्त है, व्यवहार में उनका प्रयोग संघीय मंत्रिपरिषद ही करती है। संविधान के अनुच्छेद 53 के अनुसार संघ की कार्यपालिका शक्ति राष्ट्रपति में निहित होगी तथा वास …

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भारत का राष्ट्रपति

धर्म तथा समाज सुधार आंदोलन

19वी शताब्दी को विश्व के इतिहास में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह शताब्दी बस भारत के लिए धार्मिक तथा सामाजिक पुनर्जागरण का संदेश लेकर आई थी। इस शताब्दी में भारत पराधीन था और उसका सामाजिक तथा धार्मिक जीवन तीव्र गति से नीचे गिरा रहा था। भारत में धर्म तथा समाज सुधार आंदोलन की आवश्यकता थी। उसी समय राजा राममोहन राय दयानंद सरस्वती तथा विवेकानंद आदि ने भारतीय समाज सता हिंदू धर्म की करीतियो तथा अंधविश्वासों के विरोध में आंदोलन किए। भारत में धर्म तथा समाज सुधार आंदोलन निम्न प्रकार हैं- ब्रह्म समाज ब्रह्म समाज की स्थापना 1828 ईस्वी में राजा राम मोहन राय ने की थी इनका जन्म 1772 ईस्वी में बंगाल के एक प्रतिष्ठित परिवार में हुआ था। …

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भारत की नदियां

भारत की नदियां भारत को आर्थिक रूप से विशेष बनाती है। नहरें नदियो के जल को सिंचाई हेतु विभिन्न क्षेत्रो तक पहुंचाती हैं। भारत नदियों का देश है। भारत की प्रमुख नदियां निम्नवत वर्गीकृत की जा सकती है- उत्तर भारत की नदियां ब्रह्मपुत्र क्रम की नदियां बंगाल की खाड़ी में गिरने वाली नदियां अरब सागर में गिरने वाली दक्षिण भारत की नदियां डेल्टा उत्तर भारत की नदियां उत्तरी भारत में नदियों के निम्न तीन तंत्र पाए जाते हैं- सिंधु क्रम की नदियां सिंधु नदी लद्दाख श्रेणी के उत्तर से निकलती है। अनेक श्रेणियों व शिखरों से हिम नदियों का जल प्राप्त करके यह नदी लद्दाख श्रेणी को काटकर बहती है तथा पश्चिमी पंजाब के मैदान में उतरती है। भारत में …

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भारत की नदियां

गोलमेज सम्मेलन

साइमन कमीशन के सुझाव के अनुसार बढ़ती समस्याओं को सुलझाने के लिए लंदन में प्रथम गोलमेज सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन 12 नवंबर 1930 ईस्वी को लंदन में किया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता ब्रिटेन के प्रधानमंत्री रैम्जे मैकडोनाल्ड ने की। इस सम्मेलन में कुल 86 प्रतिनिधियों ने भाग लिया जिसमें 3 प्रतिनिधि ग्रेट ब्रिटेन से, 16 भारतीय देसी रियासतों से तथा शेष ब्रिटिश भारत के थे। ब्रिटिश भारत के प्रतिनिधि के रूप में सर तेज बहादुर सप्रू, श्रीनिवास शास्त्री, डाक्टर जयकर, चिंतामणि तथा डॉ आंबेडकर आदि थे। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने इस सम्मेलन में अपना कोई भी प्रतिनिधि नहीं भेजा था। प्रथम गोलमेज सम्मेलन के सुझाव प्रथम गोलमेज सम्मेलन के निम्नलिखित सुझाव प्रस्तुत किए- संघ शासन- भारत के …

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लोकसभा की रचना

नारी सशक्तिकरण

नारी सशक्तिकरण – परिवार में अगर किसी का सबसे ऊंचा स्थान होता है मां होती है, अपने जीवन से जुड़े सारे निर्णय जिसे स्वयं लेना होता है। उसकी क्षमता का अंदाजा लगाना हमारी बस में नहीं होता महिलाएं परिवार और समाज से बंधन मुक्त होती हैं। नारी के बिना एक अच्छे समाज का निर्माण करना बहुत ही मुश्किल है। लेकिन जिस तरह से समाज में भेदभाव दहेज प्रथा, अशिक्षा, यौन हिंसा, भ्रूण हत्या महिलाओं के प्रति घरेलू हिंसा बलात्कार, वेश्यावृत्ति, मानव तस्करी और ऐसे ही दूसरे विषयों पर भेदभाव होता रहेगा, तब तक समाज का विकास होना बा मुश्किल है। लैंगिक भेदभाव राष्ट्र में शुरू से ही बना रहा है। नारी सशक्तिकरण महिलाओं और पुरुषों में शैक्षणिक और आर्थिक अंतर …

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मौर्य साम्राज्य

सम्राट अशोक के कारण ही मौर्य साम्राज्य सबसे महान एवं शक्तिशाली बनकर विश्वभर में प्रसिद्ध हुआ। चंद्रगुप्त मौर्य मौर्य वंश का संस्थापक चंद्रगुप्त मौर्य का जन्म 345 ईसा पूर्व में हुआ था।चंद्रगुप्त मौर्य ने कुटिल राजनीतिग्य के तक्षशिला के आचार्य चाणक्य की सहायता प्राप्त करके मात्र 23 वर्ष की आयु में चाणक्य की सहायता से मगध साम्राज्य पर अपना राज्य करके मौर्य साम्राज्य की स्थापना की। ब्राह्मण साहित्य में इसे शूद्र कुल का बताया गया। बौद्ध जैन ने इसे छत्रिय बताया। विशाखदत्त ने अपनी पुस्तक मुद्राराक्षस में इसे निम्न कुल वृष्ल बताया। जैन मुनि भद्रबाहु से जैन धर्म की शिक्षा दीक्षा प्राप्त कर ली। चंद्रगुप्त मौर्य ने सेनापति सेल्यूकस निकेटर को पराजित किया था। चंद्रगुप्त ने प्रथम अखिल भारतीय राज्य …

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मौर्य साम्राज्य

भारत के वंश

भारत पर कई वंशों ने शासन किया। जिनमे से गुप्त वंश, हर्यक वंश, शिशुंनाग वंश, नंद वंश के बारे में संक्षेप में जानेंगे। गुप्त वंश गुप्त वंश (319ई॰ -550ई॰) के प्रमुख शासकों में- चंद्रगुप्त प्रथम, समुद्रगुप्त, चंद्रगुप्त द्वितीय, कुमार गुप्त, गुप्त जैसे प्रतापी शासक हुए। उनका शासन लगभग 200 वर्षो चला। कुषाण वंश के अंतिम शासक वासुदेव को पद से हटाकर श्री गुप्त ने गुप्त वंश की स्थापना की थी। श्री गुप्त के बाद उसका पुत्र घटोत्कच इस वंश का शासक बना। घटोत्कच के बाद उसका पुत्र चंद्रगुप्त प्रथम जो गुप्त साम्राज्य का सबसे प्रतापी शासक हुआ। इसी समय गुप्त वंश विस्तार की चरम सीमा पर पहुंचा। चंद्रगुप्त प्रथम (319 से 335 ई॰) गुप्त अभिलेखों से हमें ज्ञात होता है …

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भारतीय संविधान

भारतीय संविधान विश्व का सबसे बड़ा लिखित संविधान है। संविधान सरकार से लाने का एक लिखित दस्तावेज होता है जिसके आधार पर देश की शासन व्यवस्था संचालित की जाती है। संविधान मिशन की संस्तुतियों के आधार पर भारतीय संविधान का निर्माण संविधान सभा के अंतर्गत किया गया था। इस संविधान सभा का गठन जुलाई 1946 ईस्वी में हुआ था। इस कैबिनेट मिशन में कुल 3 सदस्य शामिल थे। संविधान संविधान सभा में कुल 389 शामिल हुए थे। जिनमें से दो प्रांतीय विधानसभा से, 93 देसी रियासतों से, चार चीफ मशीनरी सदस्य शामिल थे। 1946 में जब संविधान सभा के सदस्यों का पहला चुनाव हुआ उस समय संविधान सभा में कुल 296 सदस्य थे। जिनमें कांग्रेस को 208 मुस्लिम, लीग को …

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धर्म

धर्म का शाब्दिक अर्थ होता है, ‘धारण करने योग्य’सबसे उचित धारणा, अर्थात जिसे सबको धारण करना चाहिये’। हिन्दू, मुस्लिम, ईसाई, जैन या बौद्ध आदि धर्म न होकर सम्प्रदाय या समुदाय मात्र हैं। शैव धर्म यह भगवान शिव से संबंधित है और इनकी पूजा करने वाले शैव कहलाते हैं। शिवलिंग उपासना का प्रारंभिक पुरातत्व छात्र हमें हड़प्पा संस्कृति से प्राप्त होता है। शिवलिंग की उपासना का स्पष्ट वर्णन हमें मत्स्य पुराण में होता है। ऋग्वेद में पहली बार भगवान शिव का उल्लेख मिलता है जबकि अथर्व वेद भव, शिव, पशुपति कहा गया है। पशुपति संप्रदाय का सर्वप्रथम वर्णन हमें वामन पुराण में देखने को मिलता है। जो इसका सबसे प्राचीन संप्रदाय है। पशुपति के संस्थापक लकुलिश थे जो भगवान शिव के 18 अवतार में …

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बौद्ध धर्म

बौद्ध धर्म के संस्थापक महात्मा बुद्ध थे। जिनका जन्म 563 ईसा पूर्व कपिलवस्तु के निकट लुंबिनी नामक ग्राम में शाक्य कुल के राजा शुद्धोधन के घर में हुआ था। इनकी माता का नाम महामाया था। महात्मा बुद्ध के जन्म के सातवें दिन इनकी माता की मृत्यु हो गई। उनका पालन पोषण इन्हीं की मौसी प्रजापति गौतमी ने किया था। इसलिए इन्हें गौतम बुद्ध के नाम से भी जानते हैं। महात्मा बुध का विवाह 547 ईसा पूर्व में 16 वर्ष की आयु में यशोधरा नामक राजकुमारी से हुआ था। बौद्ध धर्म इन्हीं से इन्हें राहुल नामक पुत्र की उत्पत्ति है। 530 ईसा पूर्व सांसारिक दुखों से पीड़ित होकर इन्होंने ग्रह तक त्याग कर दिया था। गृह त्याग की घटना इतिहास में …

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बौद्ध धर्म

जैन धर्म

जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर महावीर स्वामी जी थे, इन्हें जैन धर्म का वास्तविक संस्थापक माना जाता है।महावीर स्वामी जी का जन्म 540 ईसा पूर्व वैशाली के निकट कुंड ग्राम में हुआ था।महावीर स्वामी जातिरिक कुल के थे।इनके बचपन का नाम वर्धमान था। इनके पिता का नाम सिद्धार्थ तथा इनकी माता का नाम त्रिशला था। इनका विवाह यसोदा नाम की राजकुमारी से हुआ था। इनकी पुत्री का नाम प्रियदर्शनी था। जैन धर्म में 24 तीर्थंकर थे। जैन धर्म इसके पहले तीर्थंकर ऋषभदेव थे, जिन्हें इस धर्म का संस्थापक भी माना जाता है। इस धर्म के 23वें तीर्थंकर बनारस के राजा अश्विन के पुत्र पार्श्वनाथ थे जिन्हें 83 दिन की तपस्या के बाद ज्ञान की प्राप्त हुई। 30 वर्ष की आयु …

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Indian culture uniqueness

Every culture is unique. It has its traditional values, religion, dance, festivals, music, and cloth. This topic involves an abundant number of information because it is almost unlimited. Indian culture is one of the oldest. This country always had an urban civilization. Astonishing cultural diversity throughout the whole country makes one to be amazed. Could you imagine that the South, North, and Northeast of India have their own traditions and culture? It is an incredible thing to observe such immense variety in culture within one country. Indian cuisine, religion, and philosophy has a huge impact on the whole world. Although this is a short essay on Indian culture, a person may find something new and interesting for him. So, continue …

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प्राचीन धर्म ग्रंथ

भारत के सबसे प्राचीन धर्म ग्रंथ में वेदों का नाम आता है वेदो कि रचना महर्षि कृष्णद्वैपायन वेदव्यास ने कि थी। वेदों में श्लोकों को रचनाएं कहते थे। इनकी संख्या चार है- ऋग्वेद यजुर्वेद सामवेद अथर्ववेद ऋग्वेद यह सबसे प्राचीन वेद है ।इसमें मंडलों की संख्या 10 है। 2 से 7 मंडल सबसे प्राचीन है ।जिन्हें वंश कहकर पुकारा जाता है।पहला और दसवां मंडल सबसे बाद में जोड़ा गया है। ऋग्वेद के नवें मंडल में सोमरस का उल्लेख मिलता है। इसलिए इसे सोम मंडल भी कहते हैं। ऋग्वेद के 10 वा मंडल पुरुष सूत्र है। जिसमें चार वर्णो से सुसज्जित समाज के निर्माण की स्थापना की गई है। ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र। ऋग्वेद के दसवें मंडल में ही पहली बार …

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हड़प्पा सभ्यता

हड़प्पा सभ्यता आद्य ऐतिहासिक काल की सभ्यता मानी जाती है। यह इस काल की सबसे प्राचीन सभ्यता मानी जाती थी। हड़प्पा के लोगों तांबा, टिन को आपस में मिलाकर कांसा बनाने की विधि प्राप्त कर ली थी। कांसा के सबसे अधिक अवशेष लोटा और थाली प्राप्त हुए हैं। हड़प्पा सभ्यता का सर्वप्रथम उल्लेख 1826 ईसवी में चार्ल्स मेंसन ने किया था। यह सभ्यता पश्चिमोत्तर भारत से संपूर्ण उपमहाद्वीप तक फैली हुई थी। इस उन्नत सभ्यता का सर्वप्रथम पता 1856 ईसवी में दो सगे अंग्रेज भाई जान ब्रेटन, विलियम ब्रेटन ने लाहौर से कराची के बीच दो प्राचीन नगर हड़प्पा और मोहनजोदड़ो का पता लगा लिया था। 1921 में दयाराम साहनी और माधव स्वरूपवत्स के नेतृत्व में पाकिस्तान के पंजाब प्रांत …

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भारत में यूरोपियों का आगमन

खेल और खेलो का महत्व

खेल का मुख्य उद्देश्य, शारीरिक व्यायाम है। यह एक प्रसिद्ध उद्धरण है, “एक ध्वनि शरीर में एक ध्वनि दिमाग होता है”। जीवन में सफलता के लिए शरीर का स्वास्थ्य आवश्यक है। अस्वस्थ व्यक्ति हमेशा कमजोरी महसूस करता है, इस प्रकार आत्मविश्वास खो देता है और इसलिए बहुत सुस्त और सक्रिय हो जाता है। स्वस्थ रहने के लिए, खेल और खेल में सक्रिय रुचि लेनी चाहिए। इस प्रकार खेल और खेल जीवन में एक आवश्यक उद्देश्य की सेवा करते हैं क्योंकि वे अच्छे स्वास्थ्य को सुनिश्चित करते हैं और एक अच्छी काया का निर्माण करते हैं। यदि कोई शारीरिक रूप से फिट है, तो कोई व्यक्ति बिना मेहनत किए जीवन को कठिन बनाने में सक्षम महसूस करता है। संक्रमित रोग खेल …

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खेल और खेलो का महत्व

भारतीय कृषि

भारतीय कृषि हमारे देश के आर्थिक विकास में बहुत महत्वपूर्ण है। कृषि से तात्पर्य केवल खेतिया फसलें उत्पन्न करना ही नहीं होता है। कृषि के अंतर्गत पशु पालन, मुर्गी पालन, मधुमक्खी पालन, रेशम कीट पालन, झींगा पालन बागवानी और मत्स्य पालन भी आता। मनुष्य अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए जिन पौधों को उगाता है उन्हें फसल करते हैं। पशुपालन के अंतर्गत व पशु और पक्षी शामिल हैं, जीने मनुष्य अपने उपयोग के लिए पालता है। वानिकी और मत्स्य पालन को भी कृषि के अंतर्गत रखा जाता है। पुराने समय से लेकर अब तक खेती करने के तरीकों में बहुत अंतर आ जा है। इसे जानने के लिए आप अपने गडरिया गांव के बड़े बुजुर्गों से चर्चा कीजिए कि उनकी …

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भारतीय कृषि